कोरोना में छूटी नौकरी तो बीएससी आईटी युवक बेचने लगा चाय

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image source-NDTV
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कोरोना के कारण लगे लाकडाउन की वजह से कई लोगों की नौकरी छूट गई है और कुछ लोगों का बिजनेस भी ठप्प हो गया है. इस महामारी की वजह से कई लोगों को आॅफिस से फोन करके कल से नहीं आने के लिए कह दिया गया. नौकरी से निकाले जाने से कुछ युवा इतने ज्यादा परेशान हो गए कि ​डिप्रेशन में चले गए हैं. सेंटर फ़ॉर इंडियन इकोनॉमी के आंकड़ों पर नज़र डालें तो लॉकडाउन की वजह से 12 करोड़ लोग घर बैठने पर मजबूर हो गए हैं. इनमें ज्यादातार लोग असंगठित क्षेत्र से जुड़े हुए थे. कुछ लोगों का कहना है कि नौकरी छूट जाने की वजह से सेविंग्स भी अब खत्म हो गई है. लाकडाउन ने उन युवाओं की सक्सेस पर भी विराम लगा दिया है, जो अभी ग्रेजुएट करके नौकरी की तलाश करने लगे थे. कंपनियां नए लोगों की भर्तिया ना के बराबर कर रही है. ऐसे में एक बीएससी आईटी ग्रेजुएट चाय की दुकान लगाने को मजबूर हो गया है. छात्र का कहना है कि पेट पालने के लिए कुछ तो करना ही पड़ेगा.

मुंबई में रहने वाले विकी पालकर का कहना है कि कई जगह नौकरी ढूंढ़ने पर जब सफलता हाथ नहीं लगी तो परिवार की आ​​र्थिक मदद करने के लिए मुंबई स्थित तिलक नगर रेलवे स्टेशन पर एक चाय की दुकान खोली. लोगों को चाय पिलाने में उनके एक दोस्त भी उनकी मदद कर रहे हैं. ऐसी ही कुछ कहानी है होटल मैनजमेंट की पढ़ाई करने वाले राम चौधरी अपना पेट पालने के लिए फ्रैंकी नाम से एक शॉप चला रहे हैं. इस शॉप में वह सैंडविच और ब्रेडरॉल बेच रहे हैं. राम ने कहा कि जब किसी होटल में कोई काम नहीं मिला तो यही काम शुरू कर दिया है. राम अमेरिका में एक क्रूज पर भी काम कर चुके हैं. राम और विकी ने अपना पेट पालने के लिए कुछ नया काम तो शुरू कर दिया है लेकिन देखना है कि इस काम से इनको कितनी सफलता मिलती है. अपना काम शुरू करने के लिए हिम्मत होनी भी बहुत बड़ी बात है. इनको देखकर कहा जा सकता है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है.

 

 

 

 

 

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