किसानों को समझाने के लिए केंद्रीय मंत्रियों ने लिया ट्वीटर का सहारा, ट्विट कर दी MSP की जानकारी

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सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानून के विरोध में देश भर के किसान राजधानी में इकट्ठा हो गए हैं. इस कानून को वापस लेने के लिए किसान पांच दिन से दिल्ली में डेरा जमाकर बैठे हैं. किसान आंदोलन की वजह से दिल्ली के आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. किसानों की समस्या को देखते हुए कई आम लोग भी इनका समर्थन कर रहे हैं. सरकार ने किसान को विश्वास दिलाया है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द ही होगा. किसानों का कहना है कि हम चार महीने तक धरना देने को तैयार है. सरकार को इस काले कानून को वापस लेना ही होगा.

किसानों को नए कृषि कानून की उपयोगिता बताते हुए केंद्रिय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्विट किया कि, ‘इस कानून के तहत मंडियों को समाप्त नहीं किया गया है, मंडियां पहले की तरह ही काम करती रहेंगी’. इस मामले पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेड़कर का भी ट्विट आया है जिसमें लिखा है कि, ‘ एमएसपी दर पर भी किसान अपनी ​फसल को बेचेंगे. इसे खत्म नहीं ​किया गया है. किसानों को कुछ लोग भड़का रहे हैं. सरकार किसानों से उचित मूल्य पर फसल खरीद रही है.

बता दें कि किसानों को सबसे बड़ी चिंता एमएसपी को लेकर है. किसानों को मानना है कि नए कृषि कानून के आ जाने से एमएसपी को खत्म कर दिया जाएगा. किसानों को डर है कि प्राइवेट मंडियों के आ जाने से उनकी फसल का उचित मूल्य उन्हें नहीं मिलेगा. पंजाब और हरियाणा के किसान सबसे अधिक इस कानून से प्रभावित हुए हैं.

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