मां ने कहा, लोगों की सेवा करो और बेटी बन गई दिल्ली पुलिस में एसीपी

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New Delhi: हर सफल व्यक्ति के पीछे किसी न किसी का हाथ जरूर होता है। यह कहावत दिल्ली पुलिस में तैनात एसीपी बिस्मा काजी पर सटीक बैठती है। दरअसल बिस्मा काजी की मां ने उन्हें कहा था कि इंजीनियरिंग से पैसे तो कमा सकते हैं.लेकिन लोगों की सेवा नहीं की जा सकती हैं। बस मां के द्वारा कहीं ये बात को बिस्मा काजी ने पत्थर की लकीर मान ली। बिस्मा ने ठान लिया कि वह सीविल की तैयारियां करेंगी और मां के सपने को पूरा करेंगी। हालांकि उनके सपने के बीच कई रूकावट भी आई। बावजूद बिस्मा कमजोर नहीं पड़ी। लगातार मेहनत करती रही। आखिरकार उन्होंने यूपीएससी परीक्षा 115 रैंक लाकर पास की और देश की राजधानी दिल्ली के सुभाष पैलेस में बतौर एसीपी तैनात हैं। आज उनका परिवार ही नहीं बल्कि उनके पड़ोसी भी बिम्सा पर गर्व करते हैं।

कौन है बिस्मा
बिस्मा काजी जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर की रहने वाली हैं। वह स्कूल टॉपर हैं. और उनके पास एक बेहतरीन कला है कि वह अपनी फीलिंग को पेंटिंग पर उकेर कर प्रदर्शित कर लेती हैं। जिसकी तारीफ भी बहुत होती है। कहा जाता है कि लोग इन्हें 2017 तक इसी कला के लिए जानते थे। बिस्मा के पिता श्रीनगर में एक दुकान चलाते हैं।

ऐसा रहा यूपीएससी का सफर

बिस्मा काजी श्रीनगर से दिल्ली साल 2015 में आई। यहां कुछ दिन यूपीएससी की जानकारी लेने के बाद वह दोबारा लौट गई। वहीं फिर उन्होंने .यूपीएससी की तैयारी की। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी तैयारी के ही यूपीएससी की परीक्षा दी। हालांकि परीक्षा देने के दौरान कई दिक्कतें भी आई। लेकिन बिस्मा ने परीक्षा दी। और इसका परिणाम भी आया। वह 115वीं रैंक लाकर यूपीएससी पास कर गई। हैदराबाद में ट्रैनिंग के बाद उन्हें दिल्ली के सुभाष पैलेस में बतौर एसीपी बनाया गया। बताते चले कि जिस दौरान यूपीएससी का रिजल्ट आया। उन दिनों जम्मू-कश्मीर पूर्ण रूप से शटडाउन था। जैसे-तैसे किसी ने बिस्मा काजी को उनके परिणाम बताए। जब परिवार को बिस्मा के पास होने की खबर लगी तो पूरा परिवार भावुक हो गया।

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