बागवानी का जुनून, रिटायर कर्मचारी ने टेरेस को बना दिया गार्डन

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New Delhi: रिटायरमेंट के बाद लोग आराम से जीना चाहते हैं। कई बार तो ऐसा देखने को मिलता है कि लोग रिटायरमेंट के बाद हरिद्वार, काशी घूमने के लिए निकल जाते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो खुद को कभी भी रिटायर नहीं होने देते हैं। जी हां आपने ठीक सुना। कर्नाटक की राजेश्वरी का ऐसा ही मानना है कि इंसान कभी भी रिटायर नहीं हो सकता है। 63 साल की राजेश्वरी बैंक में मैनेजर पद से रिटायर हुई हैं। हालांकि इसके बाद भी उन्होंने घर बैठना ठीक नहीं समझा। बल्कि अपने उस सपने को पूरा करने में लग गई हैं। जिसे वह नौकरी के दौरान पूरा नहीं कर पाई। वह सपना है बागवानी का।

आसान नहीं था बागवानी करने का कार्य
राजेश्वरी ने बागवानी करने का सोचा, और घर के छत पर ही दो से तीन गमलों में पौधे लगाए। लेकिन कुछ ही दिन में वह सभी पौधे सूख गए। जिससे उन्हें दुख तो हुआ। उन्हें ऐसा लगा कि ऐसा मैं क्या करूं जिससे पौधे सूखे न। इसके लिए उन्होंने बागवानी एक्सपर्ट से बागवानी के संबंध में ढेर सारी जानकारियां जुटाई। उन्हें अब इस बात का ज्ञान हो चुका था कि पौधों के लिए लाल मिट्टी काफी अच्छी रहती है।

छत पर 20 प्रकार के फल-फूल व 200 से ज्यादा पौधे

राजेश्वरी का बागवानी के प्रति दिन पर दिन जुनूून बढ़ता गया। जिसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्होंने 800 वर्ग फीट की छत पर 20 प्रकार के फल-फूल और सब्जियां के साथ 200 से अधिक पौधे लगाए हैं। उनके इस बगान में आम, अमरूद,नींबू, बीन्स, करेला, लॉकी, गाजर जैसे कई सब्जियां की पैदावार हो रही है। वह खुद कहती हैं बाजार में बिकने वाले सब्जियों में केमिकल होता है, इसलिए उन्होंने घर की छत पर ही सब्जियों की पैदावार की। आस-पड़ोस के लोग भी कभी-कभी सब्जियां ले जाते हैं, और बागवानी के गुर भी सीखते हैं।

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