कंगाल MCF के चीफ इंजीनियर की कुर्सी पर जारी है घमासान, हाईकोर्ट ने वीरेंद्र कर्दम को दिया स्टे, टीएल शर्मा अधर में लटके

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नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग के दो अधिकारियों के बीच चल रही उठापटक के बीच ही शुक्रवार को मामले ने नया मोड ले लिया। कंगाल नगर निगम में चीफ इंजीनियर की कुर्सी पर घमासान के दौरान पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के दखल ने इस खेल को रोचक बना दिया है। अदालत ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए वीरेंद्र कर्दम को उनके तबादले के विरूद्व स्टे आर्डर दे दिया है।

चीफ इंजीनियर की कुर्सी पर शह और मात का खेल

बता दें कि पिछले कुछ दिनों के भीतर ही चीफ इंजीनियर की कुर्सी पर कब्जे को लेकर वीरेंद्र कर्दम व टीएल शर्मा के बीच जोरदार तरीके से लॉबिंग के खेल चल रहा है। दोनों अधिकारी इस कुर्सी पर काबिज होने के लिए शह और मात का खेल खेल रहे हैं। पिछले दिनों राज्य के लोकल बॉडी विभाग विभाग ने फरीदाबाद नगर निगम के चीफ इंजीनियर टीएल शर्मा का तबादला सोनीपत कर दिया था। उनके तबादले के बाद करनाल के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र कर्दम को फरीदाबाद में नियुक्ति दी गई थी। पंरतु दो दिन बाद ही वीरेंद्र कर्दम को यहां से हटाकर उनके स्थान पर फिर से टीएल शर्मा को सोनीपत नगर निगम के साथ साथ फरीदाबाद का चीफ इंजीनियर भी बना दिया गया था । टीएल शर्मा को फरीदाबाद नगर निगम का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। जबकि दूसरी ओर तबादले के बाद वीरेंद्र कर्दम को नई नियुक्ति नहीं दी गई थी। इसके विरोध में कर्दम ने हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपने तबादले पर स्टे मांगा।

कर्दम के वकील पुनीत बाली ने रखा मजबूत पक्ष-

वीरेंद्र कर्दम के वकील पुनीत बाली ने अदालत को बताया कि किस तरह से उनके क्लाईंट का तबादला किया गया है। अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता पुनीत बाली की दलील सुनने के बाद वीरेंद्र कर्दम के तबादले पर स्टे आदेश जारी कर दिया। बताया गया है कि अदालत के आदेश के बाद वीरेंद्र कर्दम फरीदाबाद के चीफ इंजीनियर का फिर से कार्यभार संभाल लेंगे। बता दें कि इससे पहले तत्कालीन चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर व रमन शर्मा के बीच भी इसी प्रकार से अदालती लड़ाई चली थी। तब सरकार ने भास्कर का करनाल तबादला कर दिया था तथा रमन शर्मा को फरीदाबाद नगर निगम में चीफ इंजीनियर की कुर्सी दी गई थी। भास्कर ने इन आदेशों को अदालत में चुनौती दी और सरकार के तबादला आदेश पर स्टे आर्डर हासिल कर लिया था। इसी प्रकार से नगर निगम एनआईटी के मौजूदा ज्वाइंट कमिश्नर प्रशांत कुमार ने भी अपने तबादले के विरोध में हाईकोर्ट से स्टे आर्डर हासिल किया हुआ है। निगम में कई अधिकारी अपने तबादलों के खिलाफ हाईकोर्ट जाकर स्टे हासिल कर अपने मौजूदा पद पर बने हुए हैं।

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