फरीदाबाद के नीलम-पुल पर हर रोज लगता है भारी जाम, हैरत की बात, मरम्मत के लिए नगर निगम को नहीं मिल रहा है ठेकेदार

0
- Advertisement -

फरीदाबाद। एक महीना बीत जाने के बावजूद फरीदाबाद के नीलम पुल की मरम्मत नहीं की जा सकी है। हैरत की बात है कि नगर निगम को इस पुल की मरम्मत के लिए ठेकेदार ही नहीं मिल रहा, जबकि दूसरी ओर इस पुल के आने जाने के लिए लोगों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ता है। पुलिस ने इस टू-लाईन पुल की एक साईड बंद की हुई है और आने जाने के लिए लोगों को केवल एक ही साईड का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इस कुव्यवस्था से फरीदाबाद के हजारों लोग बुरी तरह से परेशान हैं। लेकिन नगर निगम प्रशासन या फिर मंत्री व विधायकों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा।

22 अक्टूबर के बाद से बंद है ये पुल-

बता दें कि नीलम पुल के नीचे बीती 22 अक्टूबर को कबाड़ के गोदाम में आग लग गई थी। आग की इस घटना की वजह से पुल के कुछ पिलर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। शंका जताई जा रही थी कि यदि पुल पर यातायात जारी रखा गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसके चलते ही पुलिस और नगर निगम प्रशासन ने पुल को पहले तो पूरी तरह से बंद रखा और बाद में उसे यातायात के लिए एक तरफ खोल दिया गया। निगम प्रशासन की ओर से कहा गया कि पुल को दोनों तरफ से तभी खोला जा सकेगा, जब उसकी पूरी तरह से मरम्मत हो जाए। इसके लिए निगम प्रशासन द्वारा 12 नवंबर को टेंडर जार किया। इस टेंडर के मुताबिक मरम्मत का काम करने वाली कंपनी को 45 दिन का समय दिया गया था। इसके लिए निगम ने 24 लाख रुपए की राशि निर्धारित की थी। मगर टेंडर जारी होने के बावजूद किसी भी ठेकेदार ने काम नहीं लिया।

इस वजह से बंद है पुल-

यही वजह है कि इस पुल को एक तरफ से बंद रखा हुआ है और भारी वाहनों के आने जाने पर रोक लगा दी गई है। हैरत की बात है कि निगम अधिकारी भी इस पुल की मरम्मत को लेकर कतई गंभीर नहीं हैं। यदि अधिकारी इस काम को गंभीरता से लें तो पुल की मरम्मत में देरी नहीं हो सकती। निगम में सैंकड़ों बड़े ठेकेदार हैं, जोकि आसानी से और बेहतर तरीके से इस काम को अंजाम दे सकते हैं। मगर अधिकारियों ने चुप्पी साधी हुई है और आयुक्त यश गर्ग अपने अधिकारियों पर आश्रित हैं। यही वजह है कि निगम प्रशासन की लापरवाही की वजह से हजारों लोग परेशान हो रहे हैं। यही नहीं बल्कि घंटों तक लगने वाले जाम की वजह से प्रतिदिन लाखों रुपए का पेट्रोल व डीजल भी बर्बाद हो रहा है। मगर ना शहर के राजनेताओं को इससे कोई फर्क पड़ता है और ना ही प्रशासन को। नगर निगम प्रशासन ने अब इस कार्य के लिए दोबारा से टेंडर लगाए हैं। देखना अब यह है कि इस कार्य को निगम प्रशासन कब तक शुरू करवाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here