हरियाणा के लडक़े ने अपने गांव का नाम किया रौशन, पहले प्रयास में फेल, अब 4th रैंक के साथ बना IAS

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New Delhi: दिल्ली का मुखर्जी नगर, जहां देश के विभिन्न शहरों से छात्र सीविल सेवा की तैयारी करने के लिए आते हैं। यहां के छोटे से रूम में रहकर भारी-भरकम किताबों में उनका दिन व रात गुजरता है। मनोरंजन के लिए कभी-कभी दोस्तों से मोबाइल के जरिए हाल चाल भी पूछ लिया जाता है। लेकिन समय की अवधि मात्र पांच से 10 मिनट, और फिर से पढ़ाई शुरू हो जाती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि सिविल सेवा की तैयारी करने वाले सभी छात्र यहीं रास्ता चुनते हैं। कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं जो सही किताब का चयन के साथ सही तरीके से पढ़ाई करते हैं और अपने सपने को पूरा करने में कामयाब हो जाते हैं।

क्या कहते हैं सीविल की तैयारी करने वाले छात्र
सीविल सेवा की तैयारी कर रही छात्रा रेणु विश्वकर्मा कहती हैं कि वह दिन में 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती हैं, और कुछ देर समय निकालकर अपने परिवार से भी बात कर लेती हैं। वह कहती हैं कि सीविल सेवा को पास करने के लिए आपको अपने ऊपर विश्वास होना चाहिए। भले ही कितनी भी परेशानी हो जब आपने यह तय कर लिया कि परीक्षा देनी है तो सिर्फ स्टडी पर ही फोकस कर आप कामयाबी हासिल कर सकते हैं।

हरियाणा के छोरे ने यूपीएससी टॉप की
हिमांशु जैन मूल रूप से हरियाणा के पलवल जिले के होडल गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने साल 2019 में यूुपीएससी की परीक्षा को टॉप कर दिखा दिया कि मेहनत करने वाले लोग कभी फेल नहीं होते हैं। बस मेहनत करना नहीं छोडऩा चाहिए। हिमांशु से जुड़ी खास बात यह है कि वह साल 2018 के सीविल सेवा की परीक्षा में पहले राउंड से ही बाहर हो गए थे। कहने का मतलब है कि वह प्रीलिम्स भी नहीं निकाल पाए थे।
गांव में पढ़ाई फिर चल दिए दिल्ली हिमांशु जैन की शुरू की शिक्षा गांव के स्कूल से हुई। जिसके बाद वह दिल्ली आ गए। यहां से उन्होंने 12वीं तक की शिक्षा ली। 12वीं में अच्छे अंक आने पर उनका दाखिला चर्चित कॉलेज हंसराज में हुआ। यहां से उन्होंने इकोनॉमिक्स विषय में ग्रेजुएशन किया। ग्रेजुएशन के आखिरी साल में ही उन्होंने ये तय कर लिया था कि वह सीविल सेवा की तैयारी करेंगे।

पहले प्रयास में हुए फेल, दूसरे प्रयास में हुए सफल
हिमांशु जैन आज यूपीएससी टॉपर हैं। लेकिन जैन अपने पहले प्रयास में फेल हुए थे। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी, उन्होंने साल 2019 में दोबारा परीक्षा दी, और ऑल इंडिया में चौथा रैंक हासिल कर लिया। जैन खुद कहते हैं कि सीमित किताबों व सही दिशा में पढ़ाई करने से सफलता हासिल होती है। यदि किसी को लगता है कि वह यूपीएससी परीक्षा पास नहीं कर सकता तो उसे एक बार इस परीक्षा में जरूर बैठना चाहिए।

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