कामाख्या मंदिर को 19 किलोग्राम सोना दान कर मुकेश अंबानी आए सुर्खियों में

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New Delhi: मंदिर में दान करने की परंपरा तो बहुत पुरानी है, और आप भी जब मंदिर जाते होंगे तो अपनी इच्छा अनुसार दान भी करते होंगे। कभी 500 तो कभी हजार, जिसकी जैसी श्रृद्धा उसकी ओर से भगवान को उतना दान। वहीं, अमीर व्यक्ति तो इतना दान करता है कि वह सुर्खियों में आ जाता है। जी हां आपने ठीक सुना और समझा। हम आज एक ऐसे ही अमीर आदमी की बात कर रहे हैं,जिन्होंने कामाख्या मंदिर को 19 किलोग्राम सोना दान किया है। सोना दान करने वाले ओर कोई नहीं बल्कि खुद मुकेश अंबानी है। यह सोना रिलाइंस इंडस्ट्री की ओर से दिया गया है। इस सोने को मंदिर के मुख्य गुबंद पर लगाया गया है। सोना लगने के बाद मंदिर की सुंदरता में चार चांद लग आए हैं।

हालांकि मंदिर पहले भी काफी सुंदर था। लेकिन अब इसकी सुंदरता दूर-दूर तक लोगों के बीच में मशहूर हो रही है। मंदिर परिसर में सजावट का काम भी कि या जा रहा है। इसके साथ ही साथ 3 स्वर्ण कलश को भी सजाया गया है। हालांकि स्वर्ण कलश पहले भी थे, लेकिन ये विशेष आकार वाले हैं। कामाख्या मंदिर प्रबंधन के अनुसार गुरुवार 19 नवंबर को इसका अनावरण किया गया। मंदिर के वरिष्ठ पुजारी के मुताबिक मंदिर परिसर के अंदर संरक्षण का कार्य 17-18 सितंबर से शुरू किया गया था। हालांकि नवरात्र की वजह से काम को रोक दिया गया था। दशमी के बाद एक बार फिर काम को शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्य गुबंद में सोना का अनावरण चढ़ाने के लिए मुंबई से विषेष तौर पर कारीगर बुलाए गए थे।

कैसे पड़ा इस मंदिर का नाम कामाख्या
कामाख्या को सति जो कि भगवान शिव की पत्नी भी है, वह अपने पति का जब अपमान नहीं सह पाई थी। तो खुद के शरीर को आग में झोंख दिया था। जब ये बात शिव को पता चली तो उन्होंने खूब तांडव किया था। इस दौरान शिव को सति के मोह से हटाने के लिए भगवान विष्णु ने अपना चक्र सति के शरीर पर चलाया था। जिससे उनके शरीर के 51 हिस्से धरती के विभिन्न जगहों पर गिरे थे। इन 51 जगह को शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है। कामाख्या मंदिर भी उन्ही में से एक है। बताते चले कि कामदेव ने यहीं पर आकर पूजा की थी। इसलिए इसका नाम कामाख्या मंदिर पड़ा। यह मंदिर गुवाहाटी से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नीलांचल पर्वत पर स्थित है।

 

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