फरीदाबाद में सार्वजनिक छठ पूजा पर प्रतिबंध, डीसी ने जारी किए आदेश, लोगों में नाराजगी

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फरीदाबाद । उपायुक्त यशपाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कोरोना (कोविड-19) के मामले जिला में लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन ने इस बार सार्वजनिक स्थानों पर छठ पर्व के कार्यक्रम आयोजित न करने का निर्णय लिया है।
अपने आदेशों में उपायुक्त ने कहा कि छठ पर्व के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर काफी संख्या में व्रत करने वाली महिलाएं, पुरुष व बच्चे इकट्ठा होते हैं। इससे कोरोना वायरस फैलने की संभावनाएं काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोगों के स्वास्थ्य व कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने इस बार सार्वजनिक स्थानों, तालाबों, नहरों व नदी के किनारों पर छठ पर्व कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया है।

कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर लगाया प्रतिबंध-

बता दें कि प्रशासन कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर सतर्कता बरतना चाह रहा है। पहले ही दीवाली के अवसर पर बाजारों में भीड़ होने का परिणाम यह निकला कि जिले में कोरोना के मरीजों में तेज गति से बढ़ोतरी होने लगी है। इसके चलते ही एनजीटी के आदेश पर दिल्ली एनसीआर व हरियाणा में पटाखे बेचने व चलाने पर प्रतिबंध लगाया गया था। पंरतु इस प्रतिबंध के बावजूद फरीदाबाद में ना केवल जमकर पटाखे बेचे गए, बल्कि लोगों ने खूब आतिशबाजी भी की। इसके परिणाम आने वाले दिनों में घातक साबित हो सकते हैं। प्रशासन ने फिलहाल सतर्कता के तौर पर फरीदाबाद में सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

प्रतिबंध का हो रहा है विरोध-

इस प्रतिबंध का कई स्थानों पर विरोध भी हो रहा है। लोगों का कहना है कि सरकारी स्तर पर सार्वजनिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने दीवाली पर भी किसी प्रकार की सख्ती नहीं दिखाई, मगर छठ पूजा के लिए प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया है। वह इसके पक्ष में कतई नहीं है। वहीं दूसरी ओर   उपायुक्त ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आपदा के इस समय में हम सभी को सतर्कता से कार्य करना है। ऐसे में सभी लोग अपने घरों में ही छठ पर्व मनाएं और ज्यादा संख्या में इकट्ठा न हों।

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