1 K/ 93 -अवैध दुकानों की सील खुलवाने के लिए सांठगांठ का खेल हुआ शुरू, अतिरिक्त आयुक्त ने मांगी रिपोर्ट

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अवैध दुकानों की सील खुलवाने के लिए नगर निगम अधिकारियों से सांठगांठ का खेल सामने आ रहा है। नगर निगम के तोडफ़ोड़ विभाग ने कुछ दिन पहले ही एनआईटी नंबर-1 स्थित के. ब्लाक के प्लाट नंबर-93 में कई दुकानों को अवैध बताते हुए सील कर दिया था। यह दुकानें बिना नक्शे के बनाई जा रही थी। दुकानों के सील होने के बाद अवैध निर्माणकर्ता बुरी तरह से परेशान हो गए। दरअसल एनआइटी क्षेत्र में कुछ लोग बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण के धंधे से जुड़े हैं। उनका काम है कि कोई भी प्लाट लेकर वहां अवैध दुकान, कंपलैक्स व फ्लैट बनाकर उन्हें मंहगे दामों पर बेचना। हालांकि यह एक बिजनेस भी है, मगर इसका नुक्सान स्थानीय लोगों एवं शहर को भुगतना पड़ता है। अवैध दुकान, कंपलैक्स व फ्लैट में अधिकांश पार्किंग की सुविधा नहीं दी जाती। इससे पहले से ही यातायात की समस्या से जूझ रहे लोगों की समस्या और बढ़ जाती है।

ऐसे ही मामले में 1-के./ 93 पर बनी दुकानों को सील कर दिया गया था। हालांकि आयुक्त यश गर्ग ने इन दुकानों को एक बार तुडवाया था। आयुक्त की इस कार्रवाई के बाद तोडफ़ोड़ विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत करके पुन: दुकानों का निर्माण शुरू करवा दिया गया था। इन अवैध दुकानों को बनवाने में बड़ी डील होने की शिकायत भी सामने आई थी। तभी तो आयुक्त के आदेशों को दरकिनार करते हुए इन दुकानों को बनवा दिया गया। आयुक्त की जानकारी में जैसे ही यह मामला फिर से आया तो उन्होंने कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। आयुक्त के आदेश के बावजूद तोडफ़ोड़ विभाग ने इन दुकानों का ना केवल निर्माण पूरा करवा दिया, बल्कि उनके शटर व बोर्ड भी लगवा दिए। शटर इसलिए लगवाए गए कि आयुक्त के आदेश हैं तो दुकानों को फिलहाल सील कर दिया जाएगा, इसके बाद सील तोड़ दी जाएगी। तोडफ़ोड़ विभाग की मेहरबानी से दुकानें सील हो गईं, अब उन्हें खुलवाने के लिए जोड़तोड़ शुरू कर दी गई है।

इसके लिए आयुक्त को लिखित तौर पर एक प्रार्थना पत्र दिया गया है। आयुक्त ने इस पत्र को अतिरिक्त आयुक्त के पास जांच के लिए भेज दिया है। बताया गया है कि अतिरिक्त आयुक्त ने इस पत्र पर तोडफ़ोड़ विभाग से रिपोर्ट मांग ली है। बताया गया है कि इन दुकानों को खुलवाने के लिए सैटिंग का खेल शुरू हो चुका है। बताया गया है कि दुकानों की सील खुलवाने के लिए निर्माणकर्ता कुछ भी करने के लिए तैयार हैं। इसलिए इन दुकानों की सील खुलवाने के लिए लॉबिंग शुरू हो गई है। देखना अब यह है कि अवैध दुकानों की सील खोलने को लेकर अतिरिक्त आयुक्त इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं

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