दिल्ली में बढ़ा कोरोना तो मुसीबत में फंसे गुरूग्राम, फरीदाबाद और नोएडा, प्राईवेट अस्पतालों की हुई चांदी

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हरियाणा की औद्योगिक नगरी व साईबर सिटी गुरूग्राम अब पूरी तरह से कोरोना का गढ़ बनती जा रही है। दीवाली से पहले और दीवाली के बाद लगातार कोरोना केसों में उछाल आ रहा है। कोरोना केसों की गिनती थमती दिखाई नहीं दे रही है। यही कारण है कि फरीदाबाद और गुरूग्राम में अब हर रोज 600 से लेकर एक हजार से भी अधिक कोरोना पॉजीटिव केस सामने आ रहे हैं।

मुसीबत में फंसे एनसीआर के ये शहर-

फरीदाबाद व गुरूग्राम ही नहीं बल्कि दिल्ली-एनसीआर में भी कोरोना के केस तेज गति से बढ़ रहे हैं। बताया गया है कि दिल्ली में कोरोना केस बढऩे की वजह से फरीदाबाद व आसपास के शहरों में प्राईवेट अस्पतालों की चांदी होनी शुरू हो गई है। दिल्ली में जैसे जैसे कोरोना पॉजीटिव केस बढ़ रहे हैं, वैसे वैसे वहां के अस्पताल भी फुल होते जा रहे हैं। इसलिए दिल्ली के कोरोना मरीजों ने अब फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, गुरूग्राम सहित एनसीआर के अस्पतालों का रूख कर लिया है। इसके चलते इन शहरों के मरीजों को प्राईवेट अस्पतालों में बैड नहीं मिल रहे हैं। दिल्ली में हर रोज एवरेज अनुसार सात से आठ हजार नए मरीज सामने आ रहे हैं। दिल्ली में अब तक करीब पांच लाख मरीज रिकार्ड किए जा चुके हैं।

अस्पताल में नहीं मिल रहे बिस्तर-

दिल्ली में कोरोना केसों में बढ़ोतरी का खामियाजा एनसीआर के शहरों को भुगतना पड़ रहा है। नोएडा, फरीदाबाद, गुरूग्राम व गाजियाबाद के कोरोना मरीजों को अपने ही शहरों के अस्पतालों में बैड नहीं मिल रहे हैं। जहां भी वह जाते हैं उन्हें बैड ना होने का हवाला देकर वापिस भेज दिया जाता है। जहां तक सरकारी अस्पतालों का सवाल है तो वहां मरीजों का ईलाज सही तरीके से ना होने के कई उदाहरण सामने आ चुके हैं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ बुरा व्यवहार तो होता ही है, साथ ही ईलाज के नाम पर उन्हें गंदी चादरों वाले बिस्तरों पर सुला दिया जाता है। कई सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था तो और भी बुरी है, जहां मरीजों के साथ पशु सामान व्यवहार किए जाने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। फिलहाल जहां दिल्ली में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, वही फरीदाबाद, गुरूग्राम, सोनीपत, नोएडा व गाजियाबाद की स्थिति भी बदतर होती जा रही है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों से अपना ध्यान रखने व कोरोना के प्रति लापरवाह ना होने की सलाह दे रहा है। मगर लोगों में अब इस बीमारी से डर समाप्त दिखाई दे रहा है।

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