हरियाणा के गुरूग्राम व फरीदाबाद सहित इन शहरों में भी पटाखे चलाने व बेचने पर रहेगा प्रतिबंध, देंखे कौन से शहर होंगे प्रभावित

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प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए सरकार ने हरियाणा के कई शहरों में पटाखे बेचने व चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का हवाला देते हुए सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख शहर गुरूग्राम व फरीदाबाद में भी पटाखे चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हाल ही में एक टवीट के जरिए यह घोषणा भी की थी कि प्रदेश में मात्र दो घंटे ही पटाखे चलाने की अनुमति होगी। पंरतु इस टवीट के बाद एनजीटी के आदेशों का हवाला देते हुए प्रदेश के उन शहरों को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है, जहां प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो गया है।

इन शहरों पर भी लागू रहेगा प्रतिबंध-

गुरूग्राम व फरीदाबाद के अलावा जिन शहरों में पटाखे बेचने व चलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें प्रमुख तौर पर बल्लभगढ़, पलवल, फतेहाबाद, बहादुरगढ़, धारूहेडा, कैथल, कुरूक्षेत्र, हिसार, मानेसर, अंबाला व नारनौल को शामिल किया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वायु गुणवत्ता के आंकड़ों के अनुसार इन शहरों में स्थिति अति गंभीर है। इनमें से नवंबर 2020 में फतेहाबाद में एयर क्वालिटी गंभीर बताई गई है, जबकि बाकि इन शहरों में एयर क्वालिटी खराब श्रेणी में रखी गई है। इसलिए सरकार ने इन शहरों में पटाखे बेचने व चलाने पर प्रतिबंध की घोषणा की है। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार यह आदेश तत्काल रूप से लागू कर दिए गए हैं।

इस तिथि तक जारी रहेगा प्रतिबंध-

10 नवंबर से 1 दिसंबर 2020 की आधी रात तक सभी प्रकार के पटाखे बेचने व चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा के अनुसार बाकि जिलों में लोगों को दो घंटे तक ही पटाखे चलाने की अनुमति दी गई है। बता दें कि इन दिनों दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण जानलेवा बना हुआ है। लोगों को सांस लेने में तकलीफ झेलनी पड़ रही है। वायु प्रदूषण को देखते हुए ही एनजीटी ने भी उन सभी शहरों में पटाखे से होने वाले भारी भरकम धुंए की वजह से ही प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। एनजीटी ने साफ कहा है कि दीवाली पर अधिक खतरनाक श्रेणी वाले शहरों में पटाखे ना तो बेचने दिए जाएं और ना ही उन्हें चलाने की अनुमति दी जाए। हालांकि कई शहरों में लोगों को पटाखे बेचने व चलाने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जम नहीं रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारों को प्रदूषण रोकने के उपाय करने चाहिएं, ना कि पटाखे चलाने पर बैन लगाना चाहिए । उन्होंने कहा कि दीवाली पर पटाखे चलाने की परंपरा वर्षों पुरानी है, जिस पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है। यह भारत की धार्मिक मान्यता से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकारों को पुर्नविचार करने की भी जरूरत है।

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