लेव-जेहाद, निकिता मर्डर केस में दायर की गई चार्जशीट, आरोपियों को मिल सकती है कड़ी सजा

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बल्लभगढ़ के चर्चित निकिता मर्डर केस में एसआईटी ने मात्र दिनों के अंदर ही अदालत में चार्जशीट दायर कर दी। एसआइटी में शामिल अधिकारी शुक्रवार की सुबह सैक्टर 12 स्थित अदालत पहुंचे और चार्जशीट दायर करने की पूरी कार्रवाई शुरू कर दी। इस केस में एसआईटी ने खासी मेहनत की और मात्र 11 दिनों के अंदर ही 700 पेज की चार्जशीट तैयार कर दी। एसआइटी अधिकारियों के अनुसार चार्जशीट में डिजीटल, फारेंसिक एवं मेटीरियल सबूत शामिल किए गए हैं। इस आधार पर पूरी चार्जशीट तैयार की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस चार्जशीट के आधार पर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलना तय है।
आपको बता दें कि 26 अक्टूबर को पेपर देकर अपनी सहेली के साथ घर लौट रही छात्रा निकिता को अग्रवाल कॉलेज के गेट के बाहर मुख्य आरोपी तौसीफ ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात को अंजाम देने में उसका साथी रेहान भी शामिल था। दोनो आरोपी वारदात को अंजाम देकर कार से फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलने पर थाना शहर बल्लभगढ़ में हत्या व आर्म्स एक्ट की धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस आयुक्त  के संज्ञान में आने पर उन्होंने तुरंत एसीपी क्राइम अनिल यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की 10 टीमें आरोपियों की धरपकड़ में लगाई गई  और स्वयं मॉनिटरिंग करते रहे। मात्र 5 घंटे में क्राइम ब्रांच ने गोली मारने वाले मुख्य आरोपी तौसीफ को नुहं से गिरफ़्तार किया। पुलिस आयुक्त  ओपी सिंह ने वारदात की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एसपी क्राइम अनिल यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्राचं DLF प्रभारी अनिल कुमार सहित अनुभवी अनुसंधान अधिकारियों को शामिल कर एक एसआईटी का गठन किया गया।
दूसरे आरोपी रेहान को भी नूहं से गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही आरोपियों को हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए देसी कट्टा उपलब्ध कराने वाले तीसरे आरोपी अजरू को भी नुहं से गिरफ्तार किया गया व वारदात में  प्रयोग गाड़ी को भी  बरामद किया गया। पुलिस आयुक्त  स्वयं केस की हर वक्त प्रगति रिपोर्ट ले रहे थे और उनके मार्गदर्शन में एसआईटी ने दिन रात काम करके एक रिकॉर्ड समय में केस से संबंधित  डिजिटल, फॉरेंसिक व मटेरियल सबूतों और गवाहों के आधार पर चार्जशीट तैयार की  जिसकी पुलिस के उच्च अधिकारियों सहित कानून विशेषज्ञों द्वारा बारीकी से scrutiny की गई। एसआईटी निरंतर अनुसंधान कार्य में जुटी रही और केस की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए  हर सबूत को इकट्ठा करती रही ताकि आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।
पुलिस आयुक्त द्वारा नितिका के भाई और मामा को आर्म्स लाइसेंस दिया गया इसके साथ ही परिवार के प्रत्येक सदस्य को गनमैन दिया गया है। इस केस की आई विटनेस के पिता को भी गन का लाइसेंस दिया गया है। ताकि वो सभी निर्भय होकर अपने केस की पैरवी करें सके। फरीदाबाद पुलिस हर वक्त पीड़ित परिवार के साथ है।

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