भिवानी जिले में मनरेगा के तहत 10 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, डीसी ने की बड़ी घोषणा

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भिवानी । कोरोना काल के दौरान प्रभावित हुए मनरेगा के कार्यों को अब जिला प्रशासन द्वारा गति प्रदान की जाएगी। अब चंद ही दिनों में जिला में सिंचाई, पंचायत, जनस्वास्थ्य विभाग व पंचायती राज के तहत कार्य शुरु होंगे, जिनसे दस हजार से भी अधिक लोगों को मनरेगा के तहत काम मिलेगा।
ये जानकारी उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने  लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में मनरेगा की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए दी। उपायुक्त श्री आर्य ने कहा कि उपायुक्त श्री आर्य ने कहा कि मनरेगा एक ऐसी स्कीम है, जिसमें जरूरतमंद लोगों को 100 दिन का रोजगार दिया जाता है और विशेषतौर पर ग्रामीण तबके में मजदूर वर्ग को कार्य देने की प्रमुख योजना है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि अब इस योजना को और अधिक प्रगति प्रदान करनी है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजनाबद्ध तरीके से कार्य शुरु करवाएं और उनको निर्धारित समयावधि में पूरा करें।
माईनरों पर मिलेगा दस हजार से अधिक लोगों को काम
जिला में दस फुट से गहरी नहरों को छोडक़र माईनरों की सफाई कार्य मनरेगा के तहत किया जाएगा, जिससे दस हजार से भी अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। जिला में खानक माईनर, जमालपुर-सिपर माईनर, मंढ़ाणा माईनर, तिगड़ाना माईनर, खरक माईनर, नौरंगाबाद माईनर, चांग माईनर, पालुवास माईनर, बडेसरा माईनर, फूलपुरा माईनर, सांगा माईनर, धारेड़ू माईनर, माहनेहरू माईनर, बामला माईनर, भुरटाना माईनर लिंक माईनर, माहू डिस्ट्रीब्यूटरी, सागवान माईनर,बजीणा माईनर, निंगाना हिल डिस्ट्रीब्यूटरी, सागवान सब माईनर, दांग माईनर, तोशाम हिल व रिवासा सब माईनर पर मनरेगा के तहत कार्य करवाया जाएगा।
हर गांव में हो मनरेगा के तहत काम
बैठक के दौरान उपायुक्त ने एबपीओ केा सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिला में ऐसा कोई भी गांव शेष नहीं रहना चाहिए जहां पर मनरेगा के कार्य न चल रहा है। उन्होंने कहा कि गांव औरंगाबाद, चौरटापुर, गोलागढ़, पहाड़ी, मोहम्मदपुर, सुखदेव सिंह का बास, ढाणी टोडा, ढाणी बीरण, ढाणी ब्राहणान, गोबिंदपुरा, नंगला, निनाण, पालुवास, रूपगढ़, सांगा आदि गांवों में जल्द से जल्द मनरेगा के  तहत कार्य शुरु करवाकर जरूरतमंद लोगों को रोजगार मुहैया करवाया जाए।
स्कूलों की चारदिवारी और खेल के मैदान में होगी मिट्टी भराई
बैठक के दौरान उपायुक्त ने डीपीसी नरेश महता को निर्देश दिए कि जिन स्कूल की चारदिवारी जर्जर हो चुकी है या निर्माण किया जाना है, वहां पर मनरेगा के तहत काम करवाया जाए। इसी प्रकार से खेल के मैदान और प्रार्थना सभा के मैदान में मिट्टी भराई का कार्य करवाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्कूलों की पहचान की जाए जहां पर मनरेगा के तहत कार्य करवाए जाने हैं।
इन जलघरों में होगी सफाई का कार्य
उमरावत, अजीतपुरा और निनाण के जलघरों में सफाई का कार्य मनरेगा के तहत करवाया जाएगा। जलघरों जलघरों पर 800 से एक  हजार लोगों को कार्य मिलेगा। इन जलघरों की सफाई इसी महीने के अंत तक की जाएगी।
499 कैटल शैड के निर्माण को मिल चुकी है प्रशासनिक मंजूरी
मनरेगा के तहत गांवों में दो पशुओं तक के लिए कैटल शैड का निर्माण करवाया जाता है। इस पर 52 हजार रुपए की राशि खर्च होती है। संबंधित व्यक्ति स्वयं का जॉब कार्ड वाला व्यक्ति अपने कैटल शैड के निर्माण पर खुद भी मजदूरी कर सकता है, जो उसके 309 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से 21 दिन की मजदूरी मिलती है। जिला में 225 कैटल शैड का कार्य शुरु हो चुके हैं, जिनमें से 67 का कार्य पूरा हो चुका है।
उपायुक्त श्री आर्य ने बैठक में कहा कि मनरेगा के तहत अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दिलाने के लिए सरपंच व अन्य पंचायत प्रतिनिधियों से बात की जाए। मनरेगा योजना की ग्रामीणों को जानकारी दी जाए और गांव में शुरु किए जाने वाले कार्यां की सूची गांव में सार्वजनिक स्थानों पर लगाई जाए, जिससे अन्य लोगों को भी पता चल सके। स्कूलों में खेल/प्रार्थना सभा के मैदान में घास या झाडियां न हो और वे समतल होने चाहिए।  इस दौरान डीआरडीए के सीईओ प्रदीप कौशिक, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता दलीप कुमार व इकबाल सिंह सैनी, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता बलविंद्र, महावीर सिंह टीई, रामबीर सिंह, सहित सभी एबीपीओ मौजूद रहे।

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