सरकार ने की वायदा खिलाफी तो धरने पर बैठे कर्मचारी, निकिता को इंसाफ दिलवाने के लिए करेंगे प्रदर्शन

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फरीदाबाद । हरियाणा सरकार की वादाखिलाफी एवं छंटनी के खिलाफ  नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के आहवान पर नगर निगम मुख्यालय बीके चौक पर 24 घण्टे की क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है।  29 अक्टूबर को भी जारी रहेगी ओर 30 अक्टूबर को समाप्त होगी। अन्य कर्मचारियो ने भोजन अवकाश के समय कार्यालय के समक्ष रोष सभा आयोजित कर  प्रदर्शन किया। जिला प्रधान गुरुचरण खांडिया की अध्यक्षता मेंं सफाई कर्मी नेता, सेनिटेशन स्टाफ  यूनियन के नेता, सीवर मेन यूनियन के नेता, आउटसोर्सिंग क्लर्क विंग के नेता आदि ने भूख हड़ताल की।

कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व उपमहासचिव सुनील चिंडालिया, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला सचिव बलबीर सिंह बालगुहेर ने कहा कि संघ व सरकार के बीच 25 अप्रैल व 17 अगस्त को दो दौर की वार्ताओं में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज द्वारा कोरोना से मौत होने पर मृतक कर्मचारी के आश्रित को 50 लाख विशेष आर्थिक सहायता राशि देने, 4000 जोखिम भत्ता देने, सभी प्रकार के ठेकों को समाप्त कर तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों, फायर के कर्मचारियों व सफाई कर्मचारियों व सीवर मैनों को ठेका प्रथा से मुक्त कर विभाग के रोल करने, समान काम-समान वेतन देने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए नीति बनाने, क्षेत्रफल आबादी एवं कार्य के अनुपात में सफाई कर्मचारी, सफाई दरोगा, सीवरमैन, हेड सीवरमैन तथा तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के नए पद सृजित करने सफाई दरोगा के पद को डिमिनेशन काडर से बाहर करने सहित अन्य दर्जनों मांगों पर सहमति बनी थी लेकिन सरकार ने मानी गई मांगों को लागू नहीं किया है। उल्टा कोरोना महामारी में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की छंटनी कर उनको बेरोजगार करने का काम किया है।

 शास्त्री ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा हाल ही में 4015 क्लर्कों की भर्ती की गई है। जिसमें से 544 क्लर्क पालिका, परिषदों व नगर निगमों में भेजे गए है। 544 क्लर्कों की ज्वाईनिंग के बाद पानीपत में 10, रोहतक में 36, घरोंडा में 2, सोहना से 11, हिसार से 2, हथीन 1, कुरुक्षेत्र 6, कैथल 6, गुरुग्राम क्लर्कों व अन्य तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। नवनियुक्त क्लर्कों की ज्वाईनिंग के बाद लगभग 600 ठेका प्रथा में लगे ओर क्लर्कों की छंटनी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्रफल व आबादी एवं कार्य के अनुपात में नए पद सृजित किए जाए तो क्लर्कों की छंटनी को टाला जा सकता है, लेकिन सरकार ठेका प्रथा मेंं लगे क्लर्कों की छंटनी को टालने की बजाए नौकरी से हटाने पर अड़ी है।

संघ नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से क्षतिग्रस्त कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर ले तथा 25 अप्रैल और 17 अगस्त के समझौते को लागू करें अन्यथा पालिका परिषद और निगमों के कर्मचारी शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के अंबाला कैंट स्थित आवास पर राज्य स्तरीय विशाल आक्रोश प्रदर्शन करेंगे और प्रदर्शन के मंच से ही आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। उन्होंने हाथरस कांड पीडि़ता व फरीदाबाद की निकिता को न्याय दिलाने के लिए दलित अधिकार मंच के आह्वान पर  29 अक्टूबर को किए जाने वाले प्रदर्शनों में भी शामिल होने का ऐलान भी किया है।  इस कार्यक्रम में अन्य के अलावा कर्मी नेता जिला सचिव नानकचंद खैरालिया, वरिष्ठ उप प्रधान श्रीनंद ढकोलिया मुकेश बेनीवाल, सोमपाल झिझोटिया, रगबीर चौटाला, जितेन्द्र छाबड़ा, दान सिंह, रविन्द टांक, महेन्द्र कुण्डिय़ा, मुकेश सन्नूराम, ललित, जसबीर चौहान, कन्हैया, राजेश फेटमार, विजय चावला, धर्म सिंह मुल्ला, सोनपाल, देवेन्द डबुआ, विजयपाल चिण्डालिया, योगेश शर्मा, नेपाल गांधी कालोनी, सुमित आदि ने भी सम्बोधित किया।

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