नगर निगम में फर्जी कंपलीशन प्रमाण पत्र किए गए जारी, सीएम से शिकायत करेंगे एसटीपी

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Faridabad News (citmail news) नगर निगम को घोटाला विभाग कहा जाए तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। बिना काम के भुगतान करने वाला यह हरियाणा का एकमात्र सरकारी महकमा बन गया है। जब जांच हो तो कागजों को आग के हवाले कर दिया जाता है। ऐसे कई मामले अब तक सामने आ चुके हैं। इसी कड़ी में अब नगर निगम में फर्जी कंपलीशन प्रमाणपत्र जारी करने का मामला भी सामने आ रहा है। निगम के एसडीओ स्तर के अधिकारी ही इस घोटाले के प्रमुख सूत्रधार माने जा रहे हैं। पता चला है कि कंपलीशन प्रमाणपत्र को लेकर एसडीओ व बिल्डिंग इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी ही बिल्डरों से ठेका ले लेते हैं। एक कंपलीशन प्रमाणपत्र जारी करने की एवज में तीन लाख रुपए तक लिए जाते हैं।

जरूरी होता है कंपलीशन प्रमाण पत्र लेना-

आपको बता दें कि किसी भी मकान, फैक्ट्री, बिल्डिंग का निर्माण पूरा होने के बाद उसका कंपलीशन प्रमाणपत्र लिया जाता है। जिस भवन का नक्शा पास करवाया जाता है, उसका कंपलीशन प्रमाणपत्र भी लेना अनिवार्य होता है। नगर निगम व हुड्डा अपने अपने क्षेत्रों में नक्शे व कंपलीशन प्रमाणपत्र जारी करता है।  इस कंपलीशन प्रमाण पत्र को लेकर कथित तौर पर मोटी राशि का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। परंतु नगर निगम में कंपलीशन प्रमाणपत्र जारी करने में अधिकांश बार बड़ी गड़बडी सामने आती हैं। इसके बावजूद अधिकारी गुपचुप तरीके से लाखों रुपए लेकर कंपलीशन प्रमाण पत्र जारी करने के रैकेट से जुड़े हुए हैं। कंपलीशन प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर निगम में कमेटी भी गठित हैं। इस कमेटी के चेयरमैन ज्वाइंट कमिश्नर, सीनियर टाऊन प्लानर, सीनियर आर्किटेक्ट एवं संबंधित क्षेत्र का एक्सईएन शामिल होते हैं। कंपलीशन लेने वाला व्यक्ति निगम में आवेदन करता है। संबंधित क्षेत्र का बिल्डिंग इंस्पेक्टर मौके का मुआयना करने के बाद पूरी फाईल तैयार कर एसडीओ के सुपुर्द करता है। एसडीओ इस फाईल को कमेटी के समक्ष रखते हैं। वहां फाईल की पूरी जांच के बाद उसे या तो जारी किया जाता है या फिर रिजेक्ट किया जाता है।

इस पूरे मामले में होता है बड़ा खेल-

इस पूरे मामले में बड़े पैमाने पर खेल होता है। निगम में काफी समय से तो कमेटी की बैठक ही नहीं हुई है। फाईल का ठेका लेने वाला अधिकारी खुद ही जाकर कमेटी के सदस्यों से साईन करवाकर कंपलीशन प्रमाणपत्र जारी कर देता है। लेकिन पता चला है कि निगम के दो एसडीओ स्तर के अधिकारियों ने कई कंपलीशन फर्जी स्तर पर जारी करवा दिए हैं। कई कंपलीशन प्रमाणपत्रों पर कमेटी के सदस्य और सीनियर टाऊन प्लानर के हस्ताक्षर ही नहीं करवाए गए हैं। उनके साईन के बिना ही करीब 15 से 20 फाईलों को पास कर कंपलीशन प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए हैं। इस बारे में सीनियर टाऊन प्लानर ने पुष्टि की है और कहा है कि वह संबंधित एसडीओ के खिलाफ मुख्यमंत्री, लोकल बॉडी मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव, डायरेक्टर और निगम आयुक्त को लिखित तौर पर शिकायत करेंगे।

अनेक फाईलों पर ज्वाइंट कमिश्नर के ही साईन नहीं-

बताया गया है कि एक एसडीओ ने तो कमेटी के चेयरमैन के साईन करवाए बिना ही कंपलीशन प्रमाण पत्र जारी कर दिए हैं। यह बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। इस मामले का खुलासा करने के लिए निगम में आरटीआई भी दायर की गई है। माना जा रहा है कि फर्जी कंपलीशन प्रमाण पत्र को लेकर जल्द ही जहां एक एसडीओ के खिलाफ निगम के एक बड़े अधिकारी शिकायत करने वाले हैं, वहीं बिना चेयरमैन के साईन किए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच भी बिठाई जा सकती है।

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