शानदार योजना: सस्ता सोना बेच रही है मोदी सरकार, जानें कहां और किस रेट पर मिलेगा

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एक ओर देश में जहां सोने के भाव आसमान छू रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार ने लोगों को सस्ता सोना देने की योजना तैयार की है। सस्ता सोना योजना से लोगों को बड़ा लाभ होने की संभावना है। सोना खरीदने की यह योजना मात्र पांच दिनों के लिए ही लागू रहेगी। 12 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक इस योजना को लागू किया गया है। इस योजना से लोगों को बड़ा लाभ हो सकता है। लाईव हिन्दुस्तान के अनुसार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशकों को फिजिकल रूप में सोना नहीं दिया जाएगा, बल्कि इस सोने की तुलना में बॉन्ड रूप में मिलने वाला सोना अधिक सुरक्षित रहेगा और लाभप्रद रहेगा।

5051 रुपए प्रति ग्राम की दर से मिलेगा सोना-

भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा है कि स्वर्ण बॉन्ड का निर्गम मूल्य 5051 रुपए प्रति ग्राम तय किया गया है। आरबीआई के एक बयान में बॉन्ड का मूल्य अभिदान अवधि से पिछले सप्ताह के आखिरी तीन कारोबारी दिनों में 999 शुद्धता वाले सोने के औसत बंद भाव के आधार पर 5051 रुपए प्रति ग्राम है। बयान में कहा गया है कि सरकार ने आरबीआई की सलाह से ऑनलाईन आवेदन करने और डिजिटल माध्यम से भुगतान करने वाले निवेशकों को प्रति ग्राम पचास रुपए की रियायत दी जाएगी। ऐसे लोगों के लिए स्वर्ण बॉन्ड का मूल्य 5001 रुपए प्रति ग्राम रखा जाएगा। लाईव हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड योजना की 2020-21 श्रृखंला की 8 वीं कड़ी 9 नवबंर से 13 नवंबर तक अभिदान के लिए खुलेगी। आरबीआई की ओर से सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड 2020-21 जारी कर रहा है।

 

इतना खरीद सकते हैं सोना-

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना में एक साल में (फाईनेंशियल ईयर) में एक व्यक्ति द्वारा अधिक से अधिक 400 ग्राम सोना खरीदा जा सकता है और कम से कम एक ग्राम सोना लिया जा सकता हैा। इसी प्रकार से इस गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने पर टैक्स भी बचाया जा सकता है। इसके अलावा ट्रस्ट से संबंधित व्यक्ति , ट्रस्ट विश्वविद्यालय और धर्मार्थ संस्थानों को बिक्री के लिए प्रतिबंधित किया गया है। वहीं ग्राहकों के लिए सोना खरीदने की अधिकतम सीमा 4 किलोग्राम प्रति व्यक्ति, एचयूएफ के लिए 4 किलोग्राम और ट्रस्टों के लिए 20 किलोग्राम खरीदने की अनुमति दी गई है। सोना खरीदने के लिए आवेदन के समय पेन नंबर का होना अनिवार्य है।

कैसे खरीदा जा सकता है ये सोना-

बता दें कि यह सोना खरीदने के लिए ग्राहक को डाकघर, स्टॉक होल्डिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज या सीधे इन संस्थानों से मान्यता प्राप्त एजेंटों के माध्यम से भी सोना खरीदने के लिए आवेदन कर सकते हैं, जोकि ग्राहकों को सभी सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिकृत की गई हैं। इनके अलावा आरआरबी, लघु वित्त बैंक, और भुगतान बैंकों में यह बॉन्ड सोना उपलब्ध नहीं होगा।

क्या है ये गोल्ड बॉन्ड सोना-

आपको बता दें कि आखिर ये गोल्ड बॉन्ड सोना है क्या। सावरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने पर फिजिकल सोना नहीं मिलता। ग्राहक को इसमें किसी प्रकार की सोने की गिन्नी, गहने या फिर इसी प्रकार का सोना नहीं मिलता है। लेकिन फिजिकल सोने की तुलना में यह अधिक सुरक्षित व लाभदायक माना जाता है। इसकी शुद्धता में किसी प्रकार का संदेह नहीं किया जा सकता। लाईव हिन्दुस्तान के अनुसार इस पर तीन साल के बाद लॉग टर्म कैपीटल गेन टैक्स लगने लगेगा। लेकिन मेच्योरिटी तक रखने पर गेन टैक्स नहीं लगेगा। वहीं इस सोने पर लोन भी लिया जा सकता है। पांच साल के बाद कभी भी इस सोने को भुना सकते हैं। यानि कि इस सोने को कैश किया जा सकता है।

source – live hindustan

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