चीफ इंजीनियरों के तबादले, MCF से चीफ की एक पोस्ट खत्म ,कर्दम को करनाल भेजा

0

Faridabad News (citymail news) राज्य सरकार ने नगर निगम फरीदाबाद सहित चार जिलों के चीफ इंजीनियर के तबादले कर दिए हैं। इनमें भी सबसे अधिक चर्चित तबादला फरीदाबाद निगम के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र कर्दम का है। कर्दम को फरीदाबाद से हटाकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विधानसभा क्षेत्र करनाल में लगा दिया गया है। यही नहीं बल्कि एक बड़ी खबर तो यह भी है कि फरीदाबाद निगम में चीफ इंजीनियर की एक पोस्ट समाप्त कर दी गई है।

 

दो चीफ थे, एक सीट खत्म-

बता दें कि फरीदाबाद नगर निगम में पहले चीफ इंजीनियर की दो पोस्ट थीं। इनमें से एक पोस्ट पर ठाकुर लाल शर्मा तैनात हैं तो दूसरी पर वीरेंद्र कर्दम बैठे थे। लेकिन सरकार ने इनमें से चीफ इंजीनियर की एक पोस्ट समाप्त कर उसके स्थान पर पानीपत नगर निगम में चीफ इंजीनियर की नई पोस्ट बना दी है। बताया जा रहा है कि फरीदाबाद में चीफ इंजीनियर वीरेंद्र कर्दम और दूसरे चीफ इंजीनियर ठाकुर लाल शर्मा के बीच रस्साकशी चल रही थी। दोनों के बीच शह और मात का खेल खेला जा रहा था। इसके चलते ही इनमें से एक अधिकारी ने दूसरे को मात देने के लिए चीफ इंजीनियर की एक सीट खत्म करवा दी थी। निगम में चर्चा है कि चंडीगढ़ स्थानीय निकाय में बैठे इंजीनियरिंग विभाग के एक बड़े अधिकारी ने फरीदाबाद में चीफ इंजीनियर की पोस्ट समाप्त करवाई थी। ताकि वह अपने शागिर्द को निगम में एकछत्र राज करवा सके।

 

कर्दम सहित कईयों की विजिलेंस जांच पैडिंग-

बता दें कि फरीदाबाद से करनाल भेजे गए चीफ इंजीनियर वीरेंद्र कर्दम के खिलाफ एक विजिलेंस जांच भी पैडिंग हैं। हार्डवेयर से सोहना रोड पर किए गए कार्य को लेकर कई अधिकारियों के नाम इस जांच में शामिल हैं। लेकिन आश्चर्य की बात है कि वीरेंद्र कर्दम सहित ज्यादातर अधिकारियों के नाम जांच में होने के बावजूद उन्होंने तरक्की पर तरक्की ली हैं। बताया गया है कि कर्दम की मुख्यमंत्री कार्यालय में कई मौखिक तौर पर शिकायत भी हैं। चर्चा है कि कर्दम दो दिन पहले तक पूरी तरह से आश्वास्त थे कि निगम से दूसरे चीफ इंजीनियर का तबादला हो सकता है और वह फरीदाबाद ही रहेंगे। मगर सोमवार को जब तबादला सूची आई तो उसमें कर्दम का नाम शामिल था। इसके बाद उनके खेमे में शामिल अधिकांश अधिकारियों को जोर का झटका भी लगा है।

 

तबादलों में रहता था कर्दम का दखल-

बता दें कि नगर निगम में इंजीनियरिंग ब्रांच में होने वाले अधिकांश तबादलों में वीरेंद्र कर्दम का दखल रहता था। कमिश्नर यश गर्ग भी पुराने व अनुभवी अधिकारी होने के नाते इंजीनियरिंग ब्रांच में होने वाले तबादलों में कर्दम की सलाह लेते थे। लेकिन इस सलाह के चलते कर्दम कई स्थानों पर अपने चहेते अधिकारियों की तैनाती करवाने में सफल रहते थे। कई लोगों ने इसकी शिकायत कमिश्नर से भी की थी।

 

इन अधिकारियों के हुए तबादले-

फरीदाबाद के साथ साथ पानीपत नगर निगम में बनाई गई चीफ इंजीनियर की पोस्ट पर महीपाल सिंह को प्रमोशन देकर नियुक्ति की गई है। अंबाला में अशोक राठी को प्रमोशन देकर तैनात किया गया है। करनाल के चीफ इंजीनियर रामजी लाल को  हिसार में नियुक्ति दी गई है।

 

कर्दम को चीफ इंजीनियर बनाने की न्यायिक जांच हो: गोयल

चीफ इंजीनियर वीरेंद्र कर्दम को चीफ इंजीनियर के पद पर तरक्की देने को लेकर अब जांच की मांग उठने लगी है। आरटीआई एक्टिविस्ट एवं समाजसेवी विष्णु गोयल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल व स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज से वीरेंद्र कर्दम को चीफ इंजीनियर के पद पर तरक्की देने की उच्च स्तरीय व न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि विजिलेंस की जांच पर लोगों का भरोसा अब उठने लगा है। विजिलेंस को जांच देने का मतलब किसी भी मामले को ठंडे बस्ते में डालना होता है। विजिलेंस द्वारा की जाने वाली अधिकांश जांच किसी नतीजे पर पहुंचे बिना ही ठप्प हो जाती है। श्री गोयल ने कहा कि वीरेंद्र कर्दम को तमाम कायदे कानूनों को ताक पर रखकर चीफ इंजीनियर के पद पर प्रमोशन दी गई है। इसलिए वह सरकार से मांग करते हैं कि कर्दम को दी गई प्रमोशन की न्यायिक जांच होनी चाहिए। जांच कमेटी को वह सभी प्रमाण उपलब्ध करवाने के लिए तैयार हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here