मुफ्त सिलेंडर की सुविधा बंद, इन लोगों को नहीं मिलेगा राशन,जानिए क्या है नई योजना

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New Delhi News (citymail news )लॉकडाऊन में भले ही सरकार ने देश के लोगों को भारी रियायतें दी हैं, मगर अनलॉक लागू होने के बाद से जहां आम जनमानस की जीवनशैली को वापिस पटरी पर लाने की शुरूआत की जा रही है, वहीं सरकार द्वारा जारी रियायतें भी धीरे धीरे समाप्त हो रही हैं। इसकी शुरूआत बीते 1 अक्टूबर से की गई है। इस तिथि के बाद से देश भर में वाहन, ड्राईविंग, लाईसेंस, बैंक, लोन, गैस सिलेंडर, राशन कार्ड तथा आधार कार्ड से जुड़े नियम बदल गए हैं।

उज्जवला योजना की तिथि खत्म-

इन नियमों की मार सबसे पहले गैस सिलेंडर पर पड़ी है। कोरोना महामारी के दौरान लोगों को राहत देते हुए सरकार ने अप्रैल से गरीब लोगों को मुफ्त सिलेंडर देने की योजना चलाई थी। उज्जवला योजना के अंतर्गत करोड़ों लोगों को मुफ्त में सिलेंडर दिए गए थे, ताकि इस महामारी के बीच वह मंहगाई की मार से बचते हुए दो वक्त की रोटी खा सकें। सितंबर महीना खत्म होने के साथ ही मुफ्त सिलेंडर की योजना भी समाप्त हो गई है। यानि कि 1 अक्टूबर से किसी को भी मुफ्त सिलेंडर की योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

डीएल और आर. सी. को लेकर नए नियम-

देश भर में ड्राईविंग लाईसेंस और आर सी का डिजाईन बदल जाएगा। स्मार्ट डीएल और आर सी में माईक्रोचिप और क्यूआर कोड होंगे। यह कोड रीड करने के लिए यातायात पुलिस को ट्रेकिंग डिवाईस दिया गया है। इसके चलते अब हर प्रदेश में इन दोनों दस्तावेजों का रंग एक जैसा होगा। उनकी प्रिटिंग भी एक जैसी होने की बात कही जा रही है। इससे यातायात पुलिस को जहां चैकिंग करने में आसानी रहेगी, वहीं लोगों को भी इससे कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

सडक़ों पर चैक नहीं होंगे वाहन-

यातायात के नए नियमों के अनुरूप इलेक्ट्रोनिंक मॉनरीटिंग के जरिए चैकिंग की जाएगी। यानि कि अब से सडक़ों पर गाडिय़ों को रोककर चैकिंग करने का प्रावधान समाप्त किया जा रहा है। रजिस्टे्रशन नंबर के जरिए वेरीफिकेशन किया जाएगा तथा लोगों को ऑनलाईन चालान ही भेजा जाएगा। इसके साथ साथ अब वाहनों पर हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट को भी जरूरी कर दिया गया है। जो गाडिय़ां अप्रैल 2019 से पहले खरीदी गई हैं, उनके लिए ये नंबर प्लेट गाड़ी पर लगाना जरूरी होगा। यदि ऐसा नहीं किया तो 1000 से लेकर 5000 रुपए तक का चालान भी भुगतना पड़ेगा।

बैंकों में न्यूनतम बैलेंस इतना होगा-

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने शहरों में न्यूनतम बैलेंस की राशि पांच हजार रुपए से घटाकर 3 हजार रुपए कर दी है। इसके चलते जुर्माने की राशि में भी कटौती की गई है। पहले 75 प्रतिशत राशि कम होने पर 80 रुपए और जीएसटी लगता था। लेकिन अब सिर्फ 15 रुपए और जीएसटी ही चुकाना होगा। इसी प्रकार से 50 से 75 प्रतिशत राशि कम होने पर 12 रुपए और जीएसटी लगाया जाएगा। पहले इस पर 60 रुपए और जीएसटी सहित शुल्क लिया जाता था।

सस्ता हो सकता है लोन-

देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ब्याज दरों को सीधे तौर पर रेपो रेट से जोड़ दिया है। इससे होम व ऑटो लोन 0.30 प्रतिशत तक सस्ता हो सकता है। माना जा रहा है कि देश के अन्य बड़े बैंक भी एसबीआई की तर्ज पर यह नियम लागू कर सकते हैं। इससे लोगों को बड़ा लाभ हो सकता है।

आधार व राशन कार्ड का मामला-

राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने को लेकर भी सरकार ने यह योजना लागू की है। 30 सितंबर तक राशन कार्ड को आधार से जोडऩे की योजना बनाई गई थी। जिन लोगों ने इस योजना के तहत अपने राशन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करवाया है तो आने वाले दिनों में उनके लिए राशन की सुविधा बंद कर दी जाएगी। ऐसा राशन डिपो होल्डर के फर्जीवाडे को बंद करने के लिए किया गया है। लेकिन लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए इस सुविधा को शुरू किया गया था। आने वाले दिनों में जिन लोगों ने राशन कार्ड को आधार से लिंक करवाया होगा, उन्हें ही राशन की सुविधा मिलेगी।

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