यूपी के गैंगस्टर विकास दुबे के भूत ने मचाया धमाल, दहशत में हैं बिकरू गांव के लोग

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Kanpur News (citymail news) यूपी का खूंखार गैंगस्टर मरने के बाद भी लोगों के लिए दहशत का पर्याय बना हुआ है। एक समय था, जब विकास दुबे के नाम से भी लोग कांपते थे। जीते जी वह लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ था। लेकिन उसके पुलिस एककाऊंटर में मरने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, उन्हें लगा था कि उसके मरने के बाद इस दहशत राज से छुटकारा मिल गया है। मगर हैरत की बात है कि विकास दुबे को मरे हुए दो महीने से भी ज्यादा का समय हो गया, इसके बावजूद बिकरू गांव में आज भी लोगों के चेहरे पर डर, खौफ और दहशत साफ दिखाई देती है।

विकास दुबे के नाम से कांपते थे लोग-

विकास दुबे जब जिंदा था तब भी वह लोग उसके नाम से कांपते थे ,मगर जब वह इस दुनिया को छोडक़र चला गया, तब भी लोग डर के साए में जी रहे हैं। इसकी वजह कोई और नहीं बल्कि गांव के कुछ लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने विकास दुबे का भूत देखा है। यह सुनकर गांव के लोग सिहर उठते हैं। लोगों का कहना है कि जिनका विधिवत रूप से क्रियाकर्म नहीं होता, अक्सर उनकी आत्माएं भटकती रहती हैं। हो सकता है कि विकास दुबे को लेकर भी ऐसा ही कोई भ्रम लोगों के बीच हो। इसलिए लोगों को गांव में उसकी आत्मा भटकती हुई दिखाई देती हो।

दस जुलाई को एनकाऊंटर में मारा गया था विकास-

बता दें कि बीती 10 जुलाई को यूपी में अपना गुंडाराज चलाने वाला विकास दुबे पुलिस एनकाऊॅटर में मारा गया था। उसके खात्मे के बाद से बिकरू गांव में सन्नाटा पसरा है। उसकी तोड़ी गई कोठी में जंगली जीव तथा पशु पक्षियों का बसेरा है। गांव के बुजुर्ग लोगों का कहना है कि बिकरू गांव में कई लोगों की अकाल मौतें हुई हैं, जिनका कर्मकांड नहीं किया जा सका है। यही कारण है कि कर्मकांड ना होने की वजह से उनकी आत्माएं भटक रही होंगी। यही वजह है कि शाम के समय विकास दुबे की खंडहर पड़ी कोठी के पास भी कोई जाने की जुर्रत नहीं कर पाता।

कुत्ते-बिल्ली की धमा चौकड़ी से डर जाते हैं ग्रामीण-

रात को कुत्ते, बिल्ली की धमा चौकड़ी होते ही लोग अंजान डर के साए में आ जाते हैं। रात को जानवरों के रोने की आवाज सुनकर लोग कांप उठते हैं। गांव के लोग ही नहीं बल्कि विकास दुबे तथा उनके गैंग के मारे गए लोगों के परिवार वाले लोग भी अपने घरों से नहीं निकलते। चार लोगों की तो कोई अस्थियां भी लेने नहीं गया। 2 जुलाई को को बिकरू में 8 पुलिस वालों की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस हत्याकांड में सीधे तौर पर विकास दुबे व उसके गैंग को जिम्मेदार माना था। इसके बाद पुलिस ने कई एनकाऊंटर किए और दुबे गैंग के सभी लोगों को मार गिराया। इनमें से कईयों को लावारिस मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके घर वालों ने पुलिस और किसी अधिकारी से संपर्क साधकर उनकी अस्थियां तक नहीं ली। हालांकि विकास के खंडहर घर के सामने चार पुलिस वालों की डयूटी भी है। लेकिन इनमें से किसी ने विकास या फिर उसके गैंग के किसी सदस्य का भूत देखने का दावा नहीं किया है। लेकिन गांव वाले इस मामले में चुप्पी साध लेते हैं, उनके चेहरों पर एक अजीब सा डर दिखाई देता है।

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