आश्चर्य की बात: हरियाणा में 1 लाख 20 हजार कोरोना मरीजों पर 345 करोड़ खर्च

0

Chandigarh News (citymail news) हरियाणा में कोरोना मरीजों पर पानी की तरह पैसा बहाया गया है। राज्य की 2 करोड़ 86 लाख आबादी को कोरोना से बचाने के लिए अब तक 345 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसमें से 282 करोड़ रुपए अकेले मरीजों पर ही खर्च कर दिए गए हैं। एक अनुमान के अनुसार एक कोरोना मरीज पर सरकार ने करीब 26,355 रुपए खर्च किए हैं। इसके अलावा राज्य भर में मास्क, दवाई एवं पीपीई किट पर 117 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इनके साथ साथ वेंटीलेंटर सहित कई मेडीकल उपकरण खरीदने पर 13 करोड़ रुपए भी खर्च किए गए हैं। इसमें ही 63 करोड़ रुपए कोरोना मरीजों को घरों तक पहुंचाने में भी लगाए गए।

फिर भी स्थिति संतोषजनक नहीं-

इतने तामझाम व करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद राज्य में कोरोना की स्थिति संतोषजनक नहीं है। मौजूदा स्थिति पर नजर डाली जाए तो हरियाणा में हर रोज कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। अब तक प्रदेश में 1 लाख 20 हजार के आसपास मरीज मिल चुके हैं। इनमें से सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 23000 के पास है। लेकिन हैरत की बात है कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद राज्य में कोविड मरीजों के लिए पर्याप्त बिस्तरों की उपलब्धता तक नहीं है। हरियाणा में सक्रिय मरीज 23 हजार के करीब हैं तो उनके लिए बिस्तरों की संख्या मात्र 12 हजार के पास है। यानि कि मरीजों के अनुपात में बिस्तरों की संख्या आधी ही है। हालांकि सरकार व स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत की बात तो यह है कि प्रदेश के करीब 60 प्रतिशत मरीज होम आईसोलेशन मेंं रहकर ईलाज करवा रहे हैं। जबकि मरीजों के अनुपात को देखते हुए 3 हजार बिस्तरों की जरूरत है।

पढ़ें क्या कहते हैं स्वास्थ्य मंत्री –

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि कोरोना मरीजों के ईलाज के लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। बैड की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा गंभीर मरीजों के लिए 100-100 बेड के 3 क्रिटिकल कोविड केयर सेंटर बनाने की तैयारी है। घर में रहकर ईलाज करवा रहे मरीजों की देखभाल के लिए टीमें बनाई गई हैं। जो हर दूसरे दिन मरीजों के बीपी, आक्सीजन, व तापमान की जांच करेंगी। ताकि मरीजों को अस्पताल तक लाने की जरूरत ही ना पड़े।

कहां खर्च की गई कितनी राशि –

स्वास्थ्य विभाग- 130 करोड़ रुपए
स्वास्थ्य रिसर्च और शिक्षा- 90 करोड़ रुपए
डीसी को जारी फंड- 22 करोड़ रुपए
डाक्टरों का अतिरिक्त मानदेय- 40 करोड़ रुपए
सामाजिक जिम्मेदारी- 63 करोड़ रुपए

राज्य में कोविड के लिए किए गए इंतजाम-
प्रदेश भर में 16 लाख लोगों की हुई है जांच
पहले राज्य में 1 भी लैब नहीं थी, अब 14 लैब हैं
150 मोबाईल टीमें कर रही हैं जांच
12263 बेड की उपलब्धता

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here