फरीदाबाद के NIT NO-5 में दिनदहाड़े बिल्डिंग सील , ज्वाइंट कमिश्रर को पता ही नहीं

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Faridabad News (citymail news) एनआईटी नंबर-5 में बिजली निगम के दफ्तर के ठीक सामने बने एक निर्माण को नगर निगम ने शनिवार को सील कर दिया। हालांकि इस निर्माण को सरेआम बनते हुए कई महीने हो चुके हैं,मगर ना जानें निगम के तोडफ़ोड़ विभाग की नींद अचानक कैसे खुल गई और इस ईमारत को सील कर दिया गया। इस सीलिंग के विरोध में हरियाणा उद्योग एवं व्यापार मंडल की जिला ईकाई ने नीचे से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों को हिलाकर रख दिया है।

ज्वाइंट कमिश्नर से की शिकायत-

व्यापार मंडल के प्रधान राम जुनेजा ने इस मामले में ज्वाइंट कमिश्नर प्रशांत कुमार से शिकायत की। लेकिन हैरत की बात है कि ज्वाइंट कमिश्नर को इस कार्रवाई को लेकर कोई जानकारी ही नहीं थी। व्यापार मंडल के प्रधान राम जुनेजा ने अपनी शिकायत में कहा है कि अधिकारी मनमानी पर उतर आए हैं। एक तो लॉकडाऊन के चलते लोगों की कमर टूटी हुई है ऊपर से निगम के अधिकारी व्यापारियों को दिन दहाड़े मारने पर तुले हैं। राम जुनेजा ने साफ कहा कि इस दुकान की छत खराब हो चुकी थी। इसकी परमिशन के लिए निगम में पत्र भी भेजा गया था। दुकान की जर्जर अवस्था के फोटो भी निगम कार्यालय में लगाए गए हैं। इसके बावजूद यह पूरी ईमारत पिछले कई महीनों से बन रही थी। जब यह ईमारत बनाई जा रही थी, तब किसी भी निगम अधिकारी ने उसे ना तो बंद करवाया और ना ही काम रूकवाया गया। लेकिन आज यह ईमारत पूरी तरह से बनकर तैयार है तो उसे सील कर दिया गया है। जाहिर सी बात है कि इस मामले में कोई बड़ा छेद है। जुनेजा ने कहा कि वह अधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल के साथ आयुक्त से इस मामले की शिकायत करेंगे।

ज्वांइट कमिश्नर ने कहा सरासर अवेहलना-

दूसरी ओर ज्वाइंट कमिश्नर प्रशांत कुमार का कहना है कि उनकी जानकारी में यह मामला नहीं है। तोडफ़ोड़ विभाग को निगम आयुक्त के साफ आदेश हैं कि उनकी जानकारी में लाए बिना ना तो तोडफ़ोड़ की जाए और ना ही सीलिंग। इसके बावजूद तोडफ़ोड़ विभाग के अधिकारी अवकाश वाले दिन इस तरह की सीलिंग की कार्रवाई कर रहे हैं, जोकि सरासर गलत है। ये अधिकारी निगम आयुक्त के आदेशों की अवेहलना कर रहे हैं। वह भी इस मामले में आयुक्त को रिपोर्ट देंगे। इस संदर्भ में बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुमेर सिंह का कहना है कि इस बिल्डिंग को सीएम विंडो की शिकायत के बाद सील किया गया है। सीलिंग के आदेश ज्वाइंट कमिश्नर प्रशांत कुमार ने ही जारी किए हैं। उनके पास ज्वाइंट कमिश्नर के लिखित आदेश हैं। बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने सिटीमेल को सीलिंग के आदेश भी दिए हैं। इसलिए यह कहना गलत है कि ज्वाइंट कमिश्नर ने बिल्डिंग को सील करने के आदेश नहीं दिए हैं। वहीं दूसरी ओर आदेश देने के बावजूद ज्वाइंट कमिश्नर इससे मना क्यों कर रहे हैं, यह अपने आप में रहस्य बना हुआ है।

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