MCF में ये अधिकारी भी बन गए चीफ इंजीनियर, देंखे कैसे जारी हुए प्रमोशन के आदेश

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Faridabad News (citymail news ) नगर निगम के सुपरीडेंट इंजीनियर वीरेंद्र कुमार कर्दम को स्थानीय निकाय विभाग ने चीफ इंजीनियर की पोस्ट पर तरक्की दे दी है। शुक्रवार को उनकी प्रमोशन के आदेश जारी किए गए हैं। लेकिन दूसरी ओर उनकी प्रमोशन को लेकर अनेक सवाल भी खड़े हो गए हैं। नियम अनुसार सुपरीडेंट इंजीनियर को चीफ इंजीनियर की पोस्ट पर प्रमोशन लेने के लिए कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। पंरतु इस बड़े व महत्वपूर्ण नियम को धत्ता बताते हुए स्थानीय निकाय विभाग ने वीरेंद्र सिंह कर्दम को चीफ इंजीनियर की कुर्सी पर बिठा दिया है। उनकी नियुक्ति नगर निगम फरीदाबाद में की गई है।

1 साल में ही दे दी बड़ी तरक्की-

बता दें कि वीरेंद्र सिंह कर्दम को सुपरीडेंट इंजीनियर के पद पर आसीन हुए एक साल का समय ही हुआ है, लेकिन सरकार ने तमाम कायदे कानूनों को ताक पर रखते हुए उन्हें चीफ इंजीनियर बना दिया। इसे लेकर लोगों में कड़ी प्रतिक्रिया है। बता दें कि इसके अलावा वीरेंद्र कुमार कर्दम का नाम एक विजिलेंस जांच में भी शामिल है। इसे लेकर भी एक बड़ा नियम है कि जब तक किसी अधिकारी का नाम किसी भी जांच में शामिल है, तब तक उसे प्रमोशन देना मुमकिन नहीं है। मगर यह नियम भी वीरेंद्र कुमार कर्दम के सामने कहीं नहीं टिक पाया। इससे साबित हो गया है कि बेशक भाजपा सरकार अपनी स्वच्छ कार्यप्रणाली को लेकर बड़े बड़े दावे करे, मगर वह केवल दिखावा ही है। असल में हरियाणा सरकार में अधिकारियों की पौ-बारह हो रही है। इस सरकार में अधिकारियों की चांदी कट रही है। इसका जीता जागता प्रमाण वीरेंद्र कुमार कर्दम हैं, जोकि नगर निगम में जेई के तौर पर भर्ती हुए और देखते ही देखते चीफ इंजीनियर की कुर्सी तक पहुंच गए हैं। लोगों का कहना है कि कर्दम ही नहीं बल्कि निगम में और भी कई ऐसे अधिकारी हैं, जोकि तमाम कायदे कानूनों को जूते की नोंक पर रखकर बड़ी-बड़ी प्रमोशन हासिल कर रहे हैं।

प्रमोशन देने के लिए मरोड़े गए नियम-

वीरेंद्र कुमार कर्दम को चीफ इंजीनियर बनने की जितनी जल्दी थी, उससे ज्यादा जल्दी महकमे को भी थी। यही वजह है कि वीरेंद्र कुमार कर्दम को चीफ इंजीनियर की पोस्टिंग 1-6-2020 से दी गई है। यानि कि उनका प्रमोशन लेटर जारी हुआ है 18-9-2020 की डेट में, मगर चीफ इंजीनियर के पद पर तरक्की उन्हें आज से दो महीने पहले की डेट से दे दी गई है। यही नहीं बल्कि नियम कायदे कानून तोडऩे की हद देखो, इस पत्र में उन्हें सुपरीडेंट इंजीनियर बनाने की डेट भी 6-7-2017 कर दी गई है। इसका मतलब साफ है कि वीरेंद्र कुमार कर्दम को चीफ इंजीनियर बनाने के लिए सभी नियमों की जमकर अवेहलना की गई है। सुपरीडेंट इंजीनियर के पद पर उनकी प्रमोशन तीन साल पहले की तारीख में कर दी गई है। इसके जरिए उक्त अधिकारी को अपनी ओर से सरकार ने चीफ इंजीनियर की पोस्ट के लिए पूरी तरह से योगय करार दे दिया है। इससे साबित होता है कि हरियाणा के खूंखार कहे जाने वाले मंत्री अनिज विज के स्थानीय निकाय विभाग में किस तरह का खेल चल रहा है। अधिकारी अपनी जमकर मर्जी चला रहे हैं और गब्बर की आंखों में धूल झोंकी जा रही है।

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