कोरोना बना हौव्वा, प्राईवेट अस्पतालों में लूट और सरकारी में ठीक हो रहे मरीज, आखिर क्या है माजरा

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Faridabad News (citymail news )फरीदाबाद में मंगलवार को भी काफी अधिक संख्या में कोरोना के मरीज सामने आए हैं। इनके साथ साथ एक कोरोना पीडि़त की मौत भी हुई है। जिले में मंगलवार को 168 कोरोना पॉजीटिव सामने आए हैं। इन सभी को मिलाकर कोरोना पॉजीटिव का कुल आंकड़ा 9339 पर पहुंच गया है। यानि कि तेज गति से यह संख्या दस हजार होने जा रही है। वहीं कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या 134 हो गई है।

  • स्वास्थ्य विभाग का दावा-

स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है 180 मरीजों को ठीक भी किया गया है। यानि कि बिना किसी दवाई के ही स्वास्थ्य विभाग तेजी से मरीजों को ठीक करके घर भेज रहा है। इसका मतलब यह हुआ कि पूरा विश्व जहां एक ओर कोरोना की वैक्सीन बनाने के लिए दिन रात मेहनत करते हुए करोड़ों रुपए खर्च कर रहा है, वहीं फरीदाबाद का स्वास्थ्य विभाग आनन फानन में मरीजों को ठीक कर रहा है। ऐसे में फिर किसी वैक्सीन की जरूरत ही कहां है और इस बीमारी को हौव्वा क्यों बना दिया गया है।

  • प्राईवेट अस्पतालों की लूट-

सरकारी अस्पताल जहां कुछ ही दिनों में मरीज को ठीक करके भेज रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्राईवेट अस्पतालों की लूट ने लोगों को जीते जी मार दिया है। आखिर ऐसा क्या है कि बिना वैक्सीन के कोरोना मरीजों को तेजी से ठीक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि फरीदाबाद में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट 88.7 प्रतिशत है। जबकि जिले में इस समय कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 919 है। विभाग के हिसाब से फरीदाबाद में बहुत तेजी से कोरोना के मरीज ठीक किए जा रहे हैं। जब स्थिति यह है तो लोगों को कोरोना के नाम पर क्यों डराया जा रहा है। उन्हें प्राईवेट अस्पतालों के हाथों क्यों लुटवाया जा रहा है। जब सरकारी अस्पताल मरीज को ठीक करने की स्थिति में हैं तो फिर लोगों को कोरोना की दवाई क्यों नहीं बता दी जाती। जब सरकारी अस्पताल मरीज को ठीक कर रहे हैं तो उन्हें इसके बारे में खुलासा भी करना चाहिए। यह एक बड़ा सवाल है, जो लोगों के दिमाग में घूम रहा है।

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