सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद देश भर में धार्मिक स्थल खोलने की मांग

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New Delhi News (citymail news ) सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाऊन में धार्मिक स्थल बंद रखने पर कड़ी टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोरोना काल में जब पूरा देश खुल रहा है तो मंदिर, मस्जिद, चर्च व अन्य धार्मिक स्थल क्यों बंद हैं। जस्टिस अरूण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने ई सुनवाई में झारखंड के देवघर स्थित ऐतिहासिक वैद्यनाथ धाम मंदिर के मामले में कहा है कि ई-दर्शन भवागन के दर्शन करना नहीं होता। राज्य सरकार मंदिर में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को केंद्र की गाईडलाईन का पालन करते हुए जाने की अनुमति दे सकती है।

  • याचिका पर की गई सुनवाई-

मंदिर में सालाना श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति के लिए याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने 3 जुलाई को केवल ई-दर्शन की अनुमति दी थी। इस निर्णय को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद देश भर में धार्मिक स्थल खोले जाने की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि जब केंद्र सरकार की गाईड लाईन के हिसाब से शापिंग मॉल, जिम, सैलून, परिवहन सेवा, हवाई सेवा व बाजार खोले जा सकते हैं तो धार्मिक स्थल क्यों नहीं।

  • सीएम को पत्र लिखकर गुहार लगाई-

फरीदाबाद के एक समाजसेवी अजय अरोड़ा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र भेजकर प्रदेश में सभी धार्मिक स्थल खोलने की गुहार लगाई है। अजय अरोड़ा ने सीएम को भेजे पत्र में कहा है कि जब सरकार अनलॉक-3 में अनेक क्षेत्रों को खोलने की अनुमति दे चुकी है तो फिर धार्मिक स्थल भी खोले जा सकते हैं। इनमें सोशल डिस्टेंस, मास्क पहनने की हिदायतों के साथ ही धार्मिक स्थलों में लोगों को पूजा करने की अनुमति प्रदान की जानी चाहिए। यह लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला है। इसलिए उनकी अपील है कि सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार कर धार्मिक स्थलों को लेकर सहानुभूति पूर्वक निर्णय ले।

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