तीन बच्चों की हत्या के विरोध में उबला ग्रामीणों का गुस्सा, अब एसपी करनाल को सौंपी जांच

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Panipat News (citymail news) पानीपत के गांव बिछौल में तीन मासूम बच्चों की हत्या ने हरियाणा की मनोहर लाल सरकार के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं। बच्चों की हत्या होने के तीन सप्ताह तक भी आरोपियों की गिरफ्तारी ना होने से नाराज ग्रामीण लघु सचिवालय पर प्रदर्शन करने पहुंचे। वहां पुलिस ने उन पर लाठी व डंडे बरसा दिए तथा पानी की बौछारें फेंकी। बाद में वह सडक़ों पर उतर आए और राजमार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों की नाराजगी के चलते राजमार्ग पर करीब 8 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस व बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गए। हालांकि पुलिस व प्रशासन ने जाम खुलवाने का प्रयास भी किया, मगर ग्रामीण नहीं माने। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज व पानी की बौछारें डाली गईं। इस मामले में ग्रामीण व पुलिस के बीच सीधी भिडंत हुई, जिसमें दोनों पक्ष के कई लोगों को चोट लगी हैं। इस दौरान पत्थरबाजी के चलते आसपास खड़े सैंकड़ों वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।

  • सरकार के लिए परेशानी बना मामला-

यह मामला अब सरकार के लिए भी गले की हडडी बन गया है। सरकार को इस प्रदर्शन के बाद काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं इस मामले में सरकार ने करनाल के एसपी को जांच सौंप दी है। एसपी करनाल इस सारे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। बता दें कि गांव बिछौल के तीन बच्चों की बीती सात जुलाई को हत्या कर दी थी। लेकिन पुलिस इस मामले में आरोपियों तक नहीं पहुंच पा रही थी, जिसके विरोध में वीरवार को ग्रामीण सडक़ों पर उतर आए और भाजपा सांसद संजय भाटिया, सरकार एवं पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर दी। फिलहाल सरकार इस मामले को जांच के जरिए सुलझाना चाह रही है। इसलिए एसपी करनाल को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।

  • ये है पूरा मामला-

बिछौल गांव में बीती 7 जुलाई को तीन बच्चों के शव रजवाहे में मिले थे। जिस पर परिजनों ने ब्लीच हाऊस मालिक सहित 12 लोगों पर मुकदमा दर्ज करवाया था। जिन बच्चों की मौत हुई थी, उनके नाम लक्ष्य, वंश व अरूण हैं। इनके शव गांव के पास स्थित रजवाहे में मिले थे। बताया गया है कि घटना वाले दिन 6 बच्चे ब्लीच हाऊस में पतंग उड़ाने के लिए धागा लेने गए थे। इनमें से तीन बच्चे तो घर लौट आए, मगर अरूण, वंश व लक्ष्य वापिस नहीं पहुंचे। घर लौटे बच्चों ने परिजनों को बताया कि उन तीनों को फैक्ट्री मालिक के आदमी उठाकर ले गए। हालांकि इस मामले में फैक्ट्री मालिक सहित 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज हो गया। मगर उनकी गिरफ्तारी ना होने से ग्रामीणों में रोष था। इसलिए वीरवार को हजारों की संख्या में लोग लघु सचिवालय पर प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे थे। वहां उनके व पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। फिलहाल इस मामले की जांच का जिम्मा एसपी करनाल को सौंप दिया गया है।

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