फरीदाबाद में अवैध निर्माण माफियाओं पर आखिरकार क्यों चुप है कमिश्नर यश गर्ग

0

Faridabad News (citymail news ) फरीदाबाद में अवैध निर्माणों ने पूरे शहर की शक्ल व सूरत दोनों ही बिगाड़ दिए हैं। सब कुछ जानते हुए भी नगर निगम फरीदाबाद के आयुक्त यश गर्ग चुप्पी साधे हुए हैं। अवैध निर्माण माफियाओं पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। शहर में जगह जगह होने वाले अवैध निर्माणों से जहां फरीदाबाद में पार्किंग समस्या विकराल होती जा रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के राजस्व को भी नुक्सान पहुंच रहा है। पंरतु हैरत की बात है कि आखिरकार कमिश्नर की कौन से मजबूरी उन्हें अवैध निर्माण करने वालों माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने से रोक रही है।

  • इन स्थानों पर हो रहे हैं अवैध निर्माण-

शहर में दो ही ऐसे बड़े अवैध निर्माण करने वाले ठेकेदार हैं, जोकि धड़ल्ले से अपने काम कर रहे हैं। इस समय भी इनके जो अवैध निर्माण चल रहे हैं, उनमें प्रमुख तौर पर दो तिकोना पार्क, एक वैष्णोदेवी मंदिर के सामने, माता कालीमंदिर के सामने बसअड्डा के पास, बालभवन के सामने दो निर्माण, निगम कमिश्नर की कोठी के सामने एक बड़ा निर्माण, एनआईटी नंबर 5 में होंडा शोरूम के साथ एक बड़ा निर्माण, एनआईटी नंबर- 5 में मदर डेयरी के सामने एक बड़ा निर्माण, केसी रोड 5 नंबर में कई अवैध निर्माण तथा नीलम बाटा रोड पर भी कई अवैध निर्माण बाखूबी चल रहे हैं। जिस अवैध निर्माण को कोई ना कर सके, ये ठेकेदार उसे भी करवाने का दम रखते हैं। इसका मतलब साफ है कि नगर निगम में इनकी कितनी गहरी पैठ है

  • नक्शों में होता है खेल, सरकार को लगाया जाता है चूना- 

कहने को तो अधिकांश अवैध निर्माणों के नक्शे पास करवाए जाते हैं। लेकिन इसमें बड़ा खेल किया जाता है। इन निर्माणों के नक्शे रिहायशी पास करवाए जाते हैं और मौके पर बिल्डिंग कर्मिशियल बनाई जाती है। इससे सीधा सा नुक्सान नगर निगम के खजाने को पहुंचाया जाता है। अधिकारियों की जेब भरकर सरकारी खजाने को चोट पहुंचाने में दोनों बराबर के भागीदार है। तोडफ़ोड़ विभाग के अधिकारी भी नोटों के आगे अवैध निर्माणों से अपनी आंखे बंद किए हुए हैं। यही वजह है कि अवैध निर्माण करने वाले माफियाओं की खाल गेंडे की तरह मोटी होती जा रही है। जिस पर सरकार का कोई कानून असर नहीं दिखाता। देखना अब यह है कि कमिश्नर यश गर्ग अपनी स्वच्छ छवि को बचाने के लिए इस ठेकेदार के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलवाते हैं या फिर उसे  पहले की तरह से ही कथित तौर पर सरंक्षण देते रहेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here