चीन को धोने के लिए हरियाणा के अंबाला पहुंचे फ्रांस के 5 राफेल विमान

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New Delhi News (citymail news ) चीन को टक्कर देने में सक्षम माने जा रहे राफेल विमानों की खेप हरियाणा के अंबाला एयरबेस पर पहुंच गई है। कुछ देर पहले ही अंबाला एयरबेस पर पांच राफेल विमान पहुंचे हैं। वायुसेन चीफ की मौजूदगी में राफेल विमानों का अंबाला में जोरदार स्वागत किया गया। फ्रांस के बंदरगाह बोर्ड आस्क के वायुसेना अड्डे से सोमवार को इन विमानों ने उड़ान भरी थी। ये विमान लगभग सात हजार किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर बुधवार को अंबाला पहुंचे हैं। राफेल को उड़ाकर लाने वाले पायलट गु्रप कैप्टन हरकीरत सिंह की अगुवाई में ये विमान अंबाला पहुंचे हैं। बता दें कि राफेल का सौदा वर्ष 2016 में फ्रांस के साथ 60 हजार करोड़ रुपए में हुआ है। इन विमानों में हवा के बीच रहते हुए ही ईधन भरने की भी सुविधा है। भारतीय वायुसेना के बेडे में राफेल के शामिल होने से उसकी युद्वक्षमता में जोरदार तरीके से इजाफा होने की उम्मीद है।

  • फ्रांस से 36 विमानों का हुआ है सौदा-

उल्लेखनीय है कि भारत को यह राफेल विमान ऐसे समय में मिल रहे हैं, जब लद्दाख में सीमा के मुद्दे पर चीन के साथ गतिरोध चल रहा है। माना जा रहा है कि राफेल को जल्द ही लद्दाख सीमा पर तैनात किया जा सकता है। भारत ने वायुसेना के लिए 36 विमानों का सौदा फ्रांस की डसो एविशन के साथ लगभग 60 हजार करोड़ रुपए में किया है। वायुसेना को पहला राफेल विमान पिछले साल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की फ्रांस यात्रा के दौरान सौंपा गया था।

  • अंबाला में ही क्यों तैनात किया गया राफेल-

भारत के सामने रक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अंबाला एयरबेस सबसे महत्वपूर्ण है। लद्दाख बार्डर एवं पाकिस्तान बार्डर से अंबाला काफी नजदीक है। चीनी एयरबेस जोकि सीमा पार के सबसे नजदीक है, वह अंबाला से करीब 300 किलोमीटर दूर है, जबकि अंबाला से पाकिस्तान के एयरबेस की दूरी 200 किलोमीटर है। जरूरत पडऩे पर अंबाला एयरबेस से राफेल मिनटों में इन दोनों एयरबेस को अपना निशाना बना सकता है। चीन और पाकिस्तान के पास जो लड़ाकू विमान हैं, राफेल उनसे अधिक आधुनिक है। चीन का दावा है कि उसका जे-20 दुनिया में सबसे आधुनिक है, लेकिन उसके साथ दिक्कत यह है कि उसे अभी तक किसी भी युद्व में आजमाया नहीं जा सका है। जबकि पाकिस्तान के पास एफ -16 सबसे एडवांस है, लेकिन उसे भारतीय पायलट अभिनंदन ने पिछले साल फरवरी में मिग वायसन से ही उड़ा दिया था। लेकिन जहां तक बात राफेल की है तो इसे दुनियाभर में कई लड़ाईयों में इस्तेमाल किया जा चुका है।

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