वन विभाग ने फरीदाबाद में अरावली क्षेत्र को हरा भरा बनाने की तैयार की योजना

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Faridabad News (citymail news ) वन विभाग द्वारा इस वर्ष ड्रोन तकनीक का प्रयोग करके एरियल  सीडिंग के द्वारा पौधारोपण करने का नया प्रयोग किया जा रहा है। अरावली क्षेत्र में ऐसे बहुत से दुर्गम क्षेत्र है ,जहां आसानी से पहुँच पाना संभव नहीं है। इन स्थानों पर मिटटी व पानी की पर्याप्त उपलब्धता नही है। इस कार्य हेतु विशेष रूप से डिजाइन किए गए  ड्रोन का प्रयोग करते हुए अरावली की पहाड़ियों  के अनुकूल स्थानीय प्रजातियों का पौधा रोपण करने की योजना है।
  • इन पौधों को लगाने की है योजना-

यह जानकारी उप वन सरंक्षक ने  देते हुए बताया कि यह पूर्णता इको फ्रेंडली तकनीक है जिसमें न्यूनतम मशीनरी का प्रयोग करके अधिक से अधिक क्षेत्र को कवर किया जा सकता है।  उन्होने बताया कि एरियल सीडिंग के माध्यम से  पौधारोपण के लिए स्थानीय प्रजातियों जैसे खैरी, रोज, बेरी जंगल जलेबी, इंद्र जौ आदि प्रजातियों के बीजों व मिटटी ,खाद,  जले हुए कोयले की राख आदि के मिश्रण से सीड बॉल्स तैयार की गई है।  डॉन तकनीक का प्रयोग करके इन सीड बॉल्स का अरावली की पहाड़ियों पर ड्रोन के माध्यम से छिड़काव किया जाएगा । इन सीड बॉल्स की खासियत है कि इनका छिड़काव करने के पश्चात इन्हें अन्य किसी प्रकार की देखभाल की आवश्यकता नहीं
 है । इनमें पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मिश्रित किए गए हैं , तथा इन बॉलस में मौजूद अन्य तत्व के कारण इन्हें दीमक, चूहों आदि द्वारा नष्ट किए जाने की संभावना नहीं है।  बरसात आने पर इन सीड बॉल्स में मौजूद चीजों में फुटाव आएगा व बॉलस मे  मौजूद पोषक तत्व इन पौधों की प्रारंभिक वृद्धि में सहायक होंगे।
  • इस तरह से पानी पीते हैं ये पौधे-

इसके अतिरिक्त पानी की कमी वाले क्षेत्र मे  की पौधारोपण सर्वाइकल के लिए हाइड्रोजेल तकनीक के इस्तेमाल का प्रयोग किया जाएगा। हाइड्रोजेल एक प्राकृतिक बहुलक है जो अपने भार से लगभग 400 गुना तक पानी सोख लेता है । पौधा पानी की कमी को एक लंबे समय तक सहन कर  सकता है । जिसके कारण पौधे में बार-बार सिंचाई की जरूरत नहीं रहती है।  इस प्रयोग के अंतर्गत 540 पौधे लगाए जाएंगे । जिसको दो प्लॉट में बांटा जाएगा। एक प्लॉट में 270 गड्डों  में रोज के स्पीसीज के पौधे लगाए जाएंगे तथा दूसरे प्लॉट के गड्ढों में कचनार स्पीसीज के पौधे लगाए जाएंगे।  हर 15 दिन के अंतराल पर सरवाईल तथा ग्रोथ के डाटा इकट्ठे किए जाएंगे। जिससे  प्रयोग के लिए वांछित डाटा इकट्ठा किया जा सके।  इस प्रयोग हेतु प्रथम चरण मे बड़खल सैक्शन 4 व 5 क्षेत्र का चयन किया गया है। जिसमें फिलहाल 5 हेक्टर क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से इन सीड बॉल्स का छिड़काव करने की योजना बनाई गई है । इसके अलावा मैनुअल डिबलिंग के माध्यम से भी इन सीड बॉल्स का रोपण किया जायेगा। इस तकनीक से हरियाली क्षेत्र बढ़ाने में सहयोग मिलेगा।

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