फरीदाबाद की 20 कालोनियां बनीं कोरोना हॉटस्पॉट, टेस्टिंग में चौंकाने वाला खुलासा

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Faridabad News (citymail news ) फरीदाबाद जिले की 20 कालोनियां कोरोना की हॉट-स्पॉट बन चुकी हैं। इन कालोनियों में तेजी से कोरोना सक्रंमण फैला है। इन कालोनियों में स्वास्थ्य विभाग को अब तक 50 से लेकर 300 तक कोरोना के मरीज मिल चुके हैं। इसके चलते इन कालोनियों को हॉटस्पॉट एरिया घोषित कर दिया है। इन कालोनियों की स्थिति यह है कि कई घरों में कोरोना मरीज मिले हैं। इन कालोनियों में टेस्टिंग के दौरान जब स्वास्थ्य विभाग ने वहां की बदहाली देखी तो उनके भी होश उड़ गए। इस बात का खुलासा हरियाणा विधानसभा की स्वास्थ्य एवं शिक्षा कमेटी के समक्ष अधिकारियों ने किया।

  • इन कालोनियों की स्थिति है ये-

सूत्रों के अनुसार जिन एरिया में सबसे अधिक मरीज सामने आ रहे हैं, उनमें एनआईटी विधानसभा की जवाहर कालोनी, डबुआ कालोनी, पर्वतीया कालोनी, संजय कालोनी सहित आसपास के कई इलाके शामिल हैं। इनके अलावा बल्लभगढ़ में बल्लभगढ़ की चावला कालोनी, आदर्श कालोनी,चौहान कालोनी, अज्जी कालोनी सहित अनेक इलाके हैं। इसी प्रकार से ओल्ड फरीदाबाद, तिगांव, खेडीकलां, ग्रीनफील्ड कालोनी तथा नहरपार इलाका भी इनमें शामिल किया गया है। प्रमुख तौर पर यही जानकारी उभर कर सामने आ रही है।

  • हरियाणा में नंबर-1 हुआ फरीदाबाद-

बता दें कि फरीदाबाद अब राज्य का सबसे हॉस्पॉट जिला बन गया है। कोरोना के सक्रिय केसों को लेकर फरीदाबाद इतना आगे निकल आया है कि उसने गुरूग्राम को भी पीछे छोड़ दिया है। फरीदाबाद में स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 7400 पॉजीटिव केस हो चुके हैं तथा 120 लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसलिए फरीदाबाद जिले को खतरनाक श्रेणी में माना जा रहा है।

  • कमेटी को अधिकारियों ने दी यह जानकारी-

स्वास्थ्य एवं शिक्षा कमेटी की चेयरमैन बडख़ल क्षेत्र की विधायक सीमा त्रिखा हैं। इस कमेटी में नारायणगढ़ से कांग्रेस विधायक शैली चौधरी, होडल से भाजपा विधायक जगदीश नायर और इंद्री से विधायक रामकुमार कश्यप शामिल हैं। इस कमेटी को अधिकारियों ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। जिले में 10 हजार बिस्तरों का प्रबंध कर लिया गया है। कोविड टेस्ट के लिए 11 सेंटर हैं,जिनकी संख्या जल्द ही 46 हो जाएगी। इसके अलावा मोबाईल वैन से भी टेस्टिंग की जा रही है। जिला उपायुक्त यशपाल ने बताया कि फरीदाबाद की 10 लाख की आबादी स्लम क्षेत्रों में रहती है। इसके चलते ही कोरोना का संक्रमण करीब 20 कालोनियों में अधिक रहा है। लेकिन इन कालोनियों में तेजी से काम किया जा रहा है। संभावना है कि जल्द ही इसमें बड़ा सुधार होने लगेगा।

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