हरियाणा में मंत्रीमंडल विस्तार की संभावना, 3 मंत्रियों की छुट्टी होने की चर्चा

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Chandigarh News (citymail news ) भाजपा अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद हरियाणा में एक बार फिर से मंत्रीमंडल विस्तार व रद्दो-बदल की चर्चाएं शुरू हो गई है। काफी समय से विस्तार का मुद्दा राजनैतिक गलियारों में दिलचस्पी पैदा किए गए है। हालांकि भाजपा का मुख्य एजेंडा पहले प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर नियुक्ति था। इस पद पर पूर्व मंत्री व विधायक का चुनाव हार ओमप्रकाश धनखड़ को बिठाया गया है। हालांकि भाजपा ने तय किया था कि किसी भी हारे हुए विधायक को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। इसके चलते ही निर्वतमान अध्यक्ष सुभाष बराला की छुट्टी की गई है। बराला भी विधानसभा का चुनाव हार गए थे।

  • काम आए धनखड़ के संबंध-

ओमप्रकाश धनखड़ के भाजपा हाईकमान से पुराने संबंध काम आ गए। इसलिए चुनाव हारने के बाद सत्ता से बाहर हुए धनखड़ को फिर से राजनैतिक आक्सीजन मिल गई है। जबकि उनके साथ ही चुनाव हारे पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु तमाम कोशिशों के बाद भी प्रदेश अध्यक्ष नहीं बन पाए। अब इस पद के भरते ही अब राज्य में मंत्री मंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

  • तीन मंत्रियों की छुट्टी होने की चर्चाएं-

खबर है कि राज्य में जहां तीन नए मंत्रियों को अवसर मिल सकता है, वहीं तीन ऐसे मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है, जिनके काम काज से सरकार खुश नहीं है। इन मंत्रियों के व्यवहार व कामकाज से सीएम कार्यालय को भी नाराजगी होने की खबर आ रही हैं। बताया गया है कि दक्षिण हरियाणा से एक मंत्री को हटाए जाने की अटकलें हैं। वहीं दो और मंत्री भी निशाने पर बताए जा रहे हैं। उनके नामों को लेकर गहन मंत्रणा हो रही है। सरकार के सूत्रों का कहना है कि इन मंत्रियों की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं है। हालांकि इनमें से दो मंत्रियों ने अपनी छुट्टी होते देखकर अपने कामकाज की सक्रियता को बढ़ा दिया है। यही वजह है कि वह अब राज्यभर के दौरे कर सरकार को खुश करना चाह रहे हैं।

  • दुष्यंत को भी मिल सकता है एक मंत्री-

मंत्री मंडल विस्तार को लेकर भाजपा के सहयोगी दल जजपा भी अपने कोटे के एक मंत्री को लेकर पूरा जोर लगा रही है। हालांकि जजपा से बनें 10 में से दो मंत्री बनाए जा चुके हैं। इनमें से डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला सहित दो मंत्री बनाए जा चुके हैं। संभावना है कि जजपा से एक और विधायक को भी मंत्री पद मिल सकता है। अभी तक सीएम और डिप्टी सीएम के बीच का तालमेल भी खूब जम रहा है। कहने को दुष्यंत चौटाला सहयोगी दल जजपा से डिप्टी सीएम हैं, इसके बावजूद वह भाजपा में भी अपनी पूरी पैठ बनाए हुए हैं। खासतौर पर दुष्यंत की गृहमंत्री अमित शाह से बढिय़ा टयूनिंग दिखाई दे रही है। शाह से जब भी दुष्यंत चौटाला मिलना चाहते हैं, उनके पास पहुंच जाते हैं। यही नही बल्कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी उनके मधुर संबंध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दुष्यंत चौटाला से खुश माने जा रहे हैं। यही वजह है कि दुष्यंत जैसा भाजपा हाईकमान से चाहते हैं, उन्हें वह आसानी से मिल जाता है। यही वजह है कि हरियाणा में मंत्री मंडल विस्तार की संभावना के चलते दुष्यंत को भी पूरा वजन मिलने की संभावना प्रबल है। देखना अब यह है कि हरियाणा सरकार से किन तीन मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाकर किन नए विधायकों को सत्ता में शामिल होने का अवसर मिलता है।

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