Monday, September 20, 2021

फरीदाबाद पर कोरोना वायरस का हमला , खुले मैदान में पड़े मिले हजारों मास्क

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Faridabad News (citymail news ) फरीदाबाद में यह साबित होने लगा है कि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से पूरी तरह से अपना पल्ला झाड़ लिया है। इसका जीता जागता उदाहरण है शहर में जगह जगह पड़े इस्तेमाल किए हुए मास्क। एनआइटी नंबर 4 से सैक्टर 21 की ओर जाने वाले रास्ते में हनुमान मंदिर के पास खाली मैदान में हजारों प्रयोग किए हुए मास्क का ढेर मिला है। इस मैदान में गाय भैंस व अन्य जानवर चरने के लिए आते हैं। बीते रविवार को इस मैदान में हजारों मास्क पड़े हुए मिले।

खतरे की बात तो यह है कि इस्तेमाल मास्क के ढेर में पशु व पक्षी भी मुंह मारते हुए दिखाई दिए। इन विस्फोटक हालातों को देखकर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में पशुओं में भी कोरोना के लक्षण मिलने लगें। बता दें कि कोरोना के वायरस आसानी से समाप्त नहीं होते। वह काफी समय तक जीवित रहते हैं तथा हवा में उनके कण घूमते रहते हैं। इंटरनेशनल हेल्थ आर्गेनाईजेशन ने भी इस पर अपनी सहमति जताई है।

इससे पहले बीके अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निवास के बाहर भी काफी संख्या में इस्तेमाल में लाए गए मास्क, दस्ताने व पीपीई किट पड़े हुए मिले थे। इन हालातों को देखकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि फरीदाबाद में स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी को लेकर अब पूरी तरह से लापरवाह हो चुका है। बताया गया है कि एन एच 4 के मैदान में इतनी बड़ी संख्या में प्रयोग किए गए मास्क पड़े मिलना अपने आप में खतरे का संकेत है। कहा जा रहा है कि यह मास्क संभवतय: किसी अस्पताल या फिर नर्सिंग होम से लाकर फेंके गए हो सकते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मास्क व इस बीमारी के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले सामान को खुले में फेंकना खतरनाक है। इससे कोरोना महामारी के वायरस फैल सकते हैं। इसलिए उन्हें जमीन में दबाना अनिवार्य है, नहीं तो यह मानव जीवन के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। लेकिन इस नियम व चेतावनी के बावजूद खुले मैदान में हजारों की संख्या में मास्क कहां से आए और किसने उन्हें वहां फेंका, इसकी जांच बेहद जरूरी है।

मास्क फेंकने वाले पर दर्ज हो सख्त मुकदमा-

पार्षद संदीप भारद्वाज ने यह मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि कोरोना काल में इस प्रकार की लापरवाही बेहद विस्फोटक हो सकती है। एक तरह से तो यह मानव जीवन की हत्या की साजिश है। स्वास्थ्य संगठनों ने यह पहले ही कहा है कि खुले में प्रयोग किए गए मास्क, दस्ताने व पीपीई किट से कीटाणु तेजी से फैलते हैं। यह सक्रंमण एक से दूसरे शरीर में प्रवेश करता है। इन हालातों में भी इतनी बड़ी लापरवाही किसी भी सूरत में सहन करने के लायक नहीं है। उनकी मांग है कि सरकार व स्वास्थ्य विभाग को सख्त कदम उठाना चाहिए। इस बात का पता चलना चाहिए कि आखिर किसने वहां मास्क फेंके है। उसका पता चलने के बाद आरोपी के खिलाफ इंसानी जीवन पर जानलेवा हमला करने की धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

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