पीटीआई टीचरों के परिवार भूखे मरने को तैयार, केंद्रीय मंत्री के दफ्तर का किया घेराव

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Faridabad News (citymail news ) सरकारी नौकरी से बर्खास्त किए गए पीटीआई अध्यापकों ने शनिवार की सुबह केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर का दफ्तर घेर लिया और जमकर नारेबाजी की। नौकरी से हटाए जाने के विरोध में पीटीआई अध्यापक लगातार हरियाणा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर पुन: नौकरी पर बहाल किए जाने की मांग कर रहे हैं। पीटीआई अध्यापकों का समर्थन विपक्षी दल भी कर रहे हैं, उन्हें समर्थन भी दे रहे हैं। इसके बावजूद सरकार इस दिशा में कोई निर्णय नहीं ले पा रही है। पीटीआई अध्यापक पिछले काफी समय से प्रदर्शन व धरने के माध्यम से अपना विरोध जता रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद उन्हें लेकर सरकार की ओर से कोई रूख स्पष्ट नहीं हो पाया है।

शनिवार को सभी पीटीआई अध्यापक भारी संख्या में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के सैक्टर 28 स्थित कार्यालय पर पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी भावनाओं से अवगत करवाया। अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन उनके द्वारा केंद्रीय मंत्री कार्यालय को सौंपा गया। इन सभी का कहना था कि एक ओर पूरा देश कोरोना काल व लॉकडाऊन से जूझ रहा है, ऐसे में उनकी नौकरी छीनकर सरकार ने उनके परिवारों को भूखा मरने के लिए छोड़ दिया है। यह उनके साथ बहुत बड़ा अन्याय है। इसलिए सरकार को सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए उनकी नौकरी वापिस दे देनी चाहिए। काफी देर तक प्रदर्शन के जरिए इन पीटीआई अध्यापकों ने केंद्रीय मंत्री गुर्जर के जरिए हरियाणा सरकार तक अपनी बात पहुंचाई तथा अपनी बहाली को लेकर उनके समक्ष मांग रखी। बता दें कि इससे पहले भी पीटीआई अध्यापक सरकार के अनेक विधायक व मंत्रियों के समक्ष अपनी मांग रख चुके हैं। लेकिन अभी तक उनको लेकर सरकार द्वारा कोई फैसला नहीं लिया गया है।

पूर्व सीएम ने किया पीटीआई टीचरों का समर्थन-

पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अदालत में यदि सरकार इन पीटीआई अध्यापकों का ठोस व सही प्रकार से पक्ष रखती तो संभवतय: उनकी नौकरी को बचाया जा सकता था। मगर सरकार ने अध्यापकों को रामभरोसे छोडक़र उनकी नौकरी को जाने दिया। इसलिए उनका कहना है कि भाजपा व जजपा सरकार पूरी तरह से जनविरोधी है। सरकार के अधिकांश फैसले सरकार के विरोध में हैं, जिससे प्रदेश की जनता खासी दुखी है। लोगों को इस सरकार को विरोध करना चाहिए ताकि प्रदेश को बचाया जा सके।

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