फरीदाबाद में बढ़ रहा कोरोना, सोया है स्वास्थ्य विभाग, पढ़ें एक पीडि़त की दर्द भरी कहानी

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फरीदाबाद में शुक्रवार का भी कोरोना का ग्राफ ऊपर की तरफ ही गया। आज जिले में कोरोना के 90 नए मामले सामने आए तो वहीं 3 लोगों की मौत का समाचार भी स्वास्थ्य विभाग ने सुनाया। इन तीन मौतों के साथ फरीदाबाद में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या 100 पार कर गई है। जिले में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 101 पर पहुंच गया है, वहीं शुक्रवार के सभी केसों को मिलाकर जिले में पॉजीटिव की कुल संख्या 5195 हो गई है। वहीं जिन लोगों की कोरोना के चलते निगरानी की जा रही है, उनकी संख्या भी बढक़र 35 हजार 40 हो गई है। इससे साफ लगता है कि आने वाले दिनों में कोरोना पॉजीटिव का आंकड़ा तेजी से बढ़ेगा।

धीरे चल रहा है सैंपल जांच का काम-

अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए कोरोना सैंपल की पूरी तरह से जांच नहीं कर पा रहा है। यही वजह है कि जिले में आंकड़ा बहुत धीमी गति से चल रहा है। बताया गया है कि स्वास्थ्य विभाग जानबूकर भी जांच में तेजी नहीं लाना चाहता। यदि ऐसा हुआ तो प्रदेश भर में हरियाणा का ग्राफ सबसे ऊपर पहुंच जाएगा। जोकि इस जिले में नियुक्त अधिकारियों की सेहत व पोस्टिंग के हिसाब से ठीक नहीं होगा। इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा धीरे धीरे ही सैंपल की टेस्टिंग कर रहा है। विभाग के आंकड़ों की बात करें तो भी अभी भी कई हजार सैंपल की रिपोर्ट आनी शेष है। जिले में कोरोना सक्रंमितों की संख्या हर रोज तेजी से बढ़ रही है। बीते वीरवार को भी फरीदाबाद में यह आंकड़ा 182 पर था। जोकि बेहद ही चिंताजनक है।

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स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी अब कोरोना मरीजों के प्रति गंभीरता को दरकिनार किया जाता दिखाई देने लगा है। सैक्टर 2 में रहने वाले समाजसेवी राजेश रावत व उनका पूरा परिवार कोरोना से पीडि़त है। उनका अपना अनुभव है कि स्वास्थ्य विभाग व सरकार के तमाम दावे खोखले हैं। श्री रावत का कहना है कि राज्य सरकार अपने प्रदेश में कोरोना को लेकर जितने दावे कर रही है, उसकी जमीनी हकीकत निल बटटा निल है। उन्हें जब से कोरोना हुआ है, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उनका हाल चाल तक जानने नहीं आए। कई बार कहने के बावजूद उनके आसपास व घर को सेनीटाईज तक नहीं किया जा रहा। इलाके में उनके अलावा और भी कई लोग कोरोना पॉजीटिव हैं, मगर स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। श्री रावत ने बताया कि उन्होंने अपने इलाके में सेनीटाईज करवाने के लिए कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा से भी कई बार कहा है, मगर दावों व काम करने की हकीकत में बहुत फर्क है। मंत्री से कहने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनके अनुसार वह तो सक्षम हैं, मगर जो लोग समक्ष नहीं हैं और इस बीमारी के जाल में फंसे हैं,उनके सामने तो कोरोना से मरने की अलावा कोई चारा नहीं है।

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