देंखे कैसे फरीदाबाद के उद्योगों के लिए सिरदर्द बन गए हैं विधायक महोदय

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Faridabad News (citymail news ) अगर वीनस कंपनी के छंटनी किए गए 62 कर्मचारियों को वापस नहीं लिया गया तो उन कंपनियों के बाहर भी प्रदर्शन होगा जहां वीनस माल सप्लाई करती है। यह कहना था विधायक नीरज शर्मा का। श्री शर्मा बुधवार को सेक्टर 58 में जेसीबी कंपनी के गेट पर कर्मचारियों की छंटनी के विरोध में चल रही राम कथा में बोल रहे थे।  श्री शर्मा ने कहा कि इन कर्मचारियों की बहाली के लिए वह लगातार प्रयास कर रहे हैं मंगलवार को भी इस संदर्भ में चंडीगढ़ में लेबर कमिश्नर से मुलाकात की गई इसी संदर्भ में राज्य मानवाधिकार आयोग को भी ज्ञापन दिया गया है।

वीनस कंपनी के लिए खड़ा हुआ संकट
इस अवसर पर वीनस कंपनी के पूर्व कर्मचारी नेता वीरेंद्र चौधरी ने बोलते हुए कंपनी प्रबंधन पर आपदा को अवसर बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास काम भी है और पूरा करने के लिए नई भर्ती की जा रही हैं लेकिन कंपनी में हाथ करवा चुके लोगों को निकाला जा रहा है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन पर मजदूरों के शोषण का आरोप भी लगाया। कर्मचारियों की छटनी के विरोध में चल रहा है आंदोलन बुधवार को 23वें में दिन में प्रवेश कर गया। आज राम कथा के दौरान सोनू महिला नेता,हरीश, पावटा गाँव से किरण,जगदीश,तिलकराज,जोगिंद्र राजेन्द्र पंडित,तेज सिंह मास्टर, कुंवर पाल प्रधान, बुधराम,विकल,चमन,नरसिंह उपस्थित थे।

श्रमिक मूवमेंट बनाना चाहते हैं विधायक
बता दें कि एनआईटी के कांग्रेस विधायक मल्टीनेशनल कंपनी जेसीबी से कर्मचारियों को हटाने के विरोध में उनके गेट पर धरना दिए हुए हैं। विधायक पिछले 23 दिन से धरने पर बैठे हैं। जेसीबी के अलावा उन्होंने वीनस कंपनी के खिलाफ भी मोर्चा खोला हुआ है। वीनस कंपनी से भी कई कर्मचारियों की छंटनी की गई है। दरअसल विधायक नीरज शर्मा का उद्देश्य फरीदाबाद में एक बड़ा श्रमिक मूवमेंट खड़ा करना है। ताकि फरीदाबाद के उद्योग अपनी मनमर्जी चलाते हुए किसी भी श्रमिक को नौकरी से ना निकाल सकें। इसके लिए ही विधायक ने जेसीबी कंपनी के गेट से अपने आंदोलन का श्रीगणेश किया है। वह इस आंदोलन के जरिए फरीदाबाद के उद्योगों को सीधा संदेश देना चाहते हैं कि लॉकडाऊन व कोरोना काल में किसी भी श्रमिक को नौकरी से ना निकालें। हालांकि उनके इस आंदोलन को अभी तक सरकार की ओर से कोई खास महत्व नहीं मिला है। इसके बावजूद विधायक अपने आंदोलन को लेकर पैर पीछे करने के मूड में कतई नहीं हैं। देखना अब यह है कि विधायक के श्रमिक आंदोलन को लेकर आने वाले दिनों में सरकार या फिर प्रशासन का क्या रूख रहता है।

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