देंखे देशभर में बेरोजगारी में कैसे नंबर वन बन गया हरियाणा

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कोरोना संकट के बीच लागू लॉकडाऊन ने हरियाणा जैसे प्रदेश को बेरोजगारी की भठ्ठी में झोंक दिया है। यही कारण है देशों में देश हरियाणा जित दूध दही का खाना जैसे मुहावरे के लिए फेमस यह राज्य अब बेरोजगारी के लिए अपनी पहचान बना चुका है। हाल ही में जारी एक आंकड़े में हरियाणा को बेरोजगारी के लिए पूरे देश में नंबर वन प्रदेश का टैग मिला है। इससे ना केवल सरकार बल्कि सत्ताधारी भाजपा की नींद उडऩा भी लाजिमी है। हालांकि दो दिन पहले ही हरियाणा सरकार ने प्रदेश के युवाओं को अपने यहां लगने वाले उद्योगों में 75 प्रतिशत रोजगार देने का बिल कैबिनेट की बैठक में पास कर खूब वाहवाही लूटी है। सरकार की यह खुशी दो दिन भी नहीं चल पाई है कि एक सर्वे ने समूची स्थिति को बदल कर रख दिया है। बेरोजगारी को लेकर जारी आंकड़ों से जाहिर हो गया है कि हरियाणा में रोजगार की क्या स्थिति है।

रोजगार की स्थिति को लेकर हुआ सर्वे

देश में रोजगार की स्थिति को लेकर इसी साल जून में एक सर्वे हुआ है। सीएमआई की ओर से हुए इस सर्वे में हरियाणा 33.6 प्रतिशत बेरोजगारी दर है। इसमें हरियाणा को नंबर वन का तमगा दिया गया है। जबकि दूसरे नंबर पर त्रिपुरा 21.6 है, जबकि 21 प्रतिशत के साथ झारखंड तीसरे नंबर पर है। चौथे पर केरल, पांचवे पर बिहार, छठे पर दिल्ली, सातवें पर जम्मू कश्मीर, आठवें पर पंजाब, नौवे पर तेलगांना और दसवें पर छतीसगढ़ है। राजस्थान को इस सूची में 11 वां स्थान मिला है, वहीं तमिलनाडु तेरहवें तथा गोवा चौहदवें पर हैं। इस सूची में उत्तर प्रदेश सोहलवें पर अपना नाम दर्ज करवाने में सफल रहा है। इसके अलावा कर्नाटक , मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिसो, पांडुचेरी, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, असम, गुजरात व आंध्रप्रदेश भी इस सूची में शामिल हैं। इन प्रदेशों की स्थिति बेहतर कही जा सकती है। रोजगार को लेकर जारी इन आंकड़ों में सबसे दयनीय स्थिति हरियाणा की है। राज्य की भाजपा व जजपा सरकार अपने प्रदेश में रोजगार को लेकर हर रोज तमाम दावे करती है। इस समय हरियाणा में प्रदेश के युवाओं को 75 प्रतिशत रोजगार देने को लेकर बड़ी बहस छिड़ी हुई है। ऐसे में यह आंकड़े आना हरियाणा के लिए बेहद ही दुखद स्थिति कही जा सकती है।

कांग्रेस ने बुरी तरह से घेरा-

हुड्डा ने भाजपा-जजपा की सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस सरकार का ढोल फट चुका है और उनके दावे की असलियत सामने आ गई है। यह सरकार केवल दावों और वायदों की सरकार है। प्रदेश के युवाओं को कितना रोजगार दिया जा रहा है, इस सर्वे से सामने आ गया है। इसलिए नैतिकता के आधार पर इस सरकार को अपना राजपाट छोड़ देना चाहिए।

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