इस इंसान पर होगा कोरोना दवा का परीक्षण, आखिर क्यों ट्रायल के लिए तैयार हुआ ये युवक

0
New Delhi News (citymail news ) देश में कोरोना की वैक्सीन तैयार कर ली गई है। लेकिन इससे बड़ी खबर यह है कि जिस व्यक्ति पर इस वैक्सीन का सबसे पहले परीक्षण होना है, उसकी जानकारी भी लोगों तक पहुंचनी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले इस व्यक्ति ने आईसीएमआर के समक्ष खुद पर वैक्सीन का परीक्षण करने के लिए आवेदन किया है। आईसीएमआर के भुवनेशवर स्थित सेंटर पर इस व्यक्ति के शरीर पर इस वैक्सीन का प्रयोग किया जाएगा। चिरंजीत धीवर नाम का यह शख्स पेशे से टीचर है और संघ से जुड़ा हुआ है। बंगाल के दुर्गापुर में अध्यापक के तौर पर कार्यरत चिरंजीत को मंगलवार को फोन के जरिए सूचना दी गई है कि उन्हें इस वैक्सीन के परीक्षण हेतु चुना गया है। उन्हें बताया गया है कि यह परीक्षण भुवनेश्वर के मेडीकल सेंटर में किया जाएगा। चिरंजीत को कैसे इस सेंटर पर पहुंचना है, इसकी जानकारी भी उसे दी गई है। बता दें कि पहले यह परीक्षण पटना के मेडीकल सेंटर पर किया था, मगर बाद में यह स्थान बदलकर भुवनेशवर कर दिया गया है। बता दें कि आईसीएमआर एवं भारत बॉयाटेक द्वारा मिलकर कोरोना की वैक्सीन बनाई गई है।
प्रधानमंत्री 15 अगस्त को लांच करेंगे कोरोना का टीका
खबर है कि इस वैक्सीन को 15 अगस्त के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लालकिले से लांच किया जा सकता है। इस वैक्सीन का जानवरों पर परीक्षण किया जा चुका है, जोकि सफल रहा है। अब इस दवा का परीक्षण इंसानी शरीर पर किया जाना है, ताकि दवा के फायदे व नुक्सान का समय रहते पता चल सके।
कौन है चिरंजीत धीवर-
चिरंजीत धीवर बंगाल के दुर्गापुर में स्कूल टीचर के तौर पर कार्यरत हैं। वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की शैक्षिक महासंघ की प्राथमिक इकाई के राज्यस्तरीय कमेटी के सदस्य हैं। मीडिया से बातचीत में धीवर ने बताया कि अप्रैल में उन्होंने मानवीय परीक्षण के लिए अपना शरीर देने का आवेदन किया था। उनके पास पहला फोन पटना से आया था, जिसमें उनसे कहा गया था कि उन्हें कभी भी बुलाया जा सकता है। इसके बाद भुवनेशवर से फोन आया कि अगले सप्ताह वहां पहुंचना है। इसके लिए किस दिन जाना है, इसकी जानकारी उन्हें रविवार तक देने के लिए कहा गया है। बता दें कि इस वैक्सीन का परीक्षण कोरोना पॉजीटिव व कोरोना निगेटिव इंसान पर किया जाएगा। चिरंजीत कोरोना निगेटिव हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रेरणा उन्हें संघ में काम करते हुए मिली है। वह खुद को इस परीक्षण के लिए मानसिक रूप से तैयार कर चुके हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here