फरीदाबाद के दो बड़े कांग्रेस नेताओं की लड़ाई सडक़ों पर आई, भाजपा ले रही मजे

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फरीदाबाद के दो बड़े कांग्रेसी इन दिनों सांप-नेवले की तरह से सरेआम झगड़ रहे हैं। वहीं भाजपा वाले कांग्रेसियों की लड़ाई को मजे से देख रहे हैं। जिले के इन दो बड़े नेताओं में जूतम पैजार की नौबत कभी भी आ सकती है। सीधे चेतावनी देने की बजाए कांग्रेस के नेता मीडिया के जरिए लड़ाई लड़ रहे हैं। दोनों कांग्रेसियों के बीच का विवाद दिल्ली व चंडीगढ़ में शिकायत के रूप में पहुंच चुका है। प्रदेश नेतृत्व भी इस लड़ाई को लेकर अपने जासूसों से सीआईडी रिपोर्ट ले रहा है। कांग्रेस नेताओं की यह लडाई पूरे जिले में दिलचस्प मोड़ पर आ गई है। जी हां यहां बात हो रही है फरीदाबाद के कांग्रेस नेता लखन सिंगला व पूर्व विधायक आनंद कौशिक के छोटे भाई बलजीत कौशिक की। फरीदाबाद शहरी सीट से कांग्रेस के विधायक रहे आनंद कौशिके के छोटे भाई बलजीत कौशिक ने बीते मंगलवार को ओल्ड फरीदाबाद में कुछ लोगों की शिकायत सुनी और प्रशासन से उनके समाधान की मांग की। इसी बात पर फरीदाबाद क्षेत्र से 2019 में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े लखन सिंगला ने एतराज जताया। बलजीत कौशिक के खिलाफ तत्काल लखन सिंगला मैदान में कूद पड़े और मीडिया में चेतावनी जारी कर दी। लखन ने बलजीत के नाम कड़ा मैसेज जारी कर दिया और उन्हें अपनी हद में रहने की चेतावनी दे दी। लखन ने कहा कि यदि पूर्व विधायक आनंद कौशिक बल्लभगढ़ से चुनाव लड़े हैं और वह वहीं की राजनीति करें तो बेहतर होगा। यदि वह लोकसभा चुनाव लडऩा चाहते हैं तो उसे लेकर अपनी नीति स्पष्ट करें। सीधे तौर पर कहा जाए तो लखन ने अपने विधानसभा क्षेत्र में पूर्व विधायक के भाई बलजीत कौशिक के आने पर कड़ा एतराज जताया है और भविष्य में उनसे फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में ना आने की चेतावनी दी है। जबकि दूसरी ओर बलजीत कौशिक का कहना है कि फरीदाबाद किसी की जागीर नहीं है। बल्लभगढ़ से चुनाव लडऩे से पहले उनके बड़े भाई आनंद कौशिक फरीदाबाद शहरी सीट से कांग्रेस के विधायक थे। उन्होंने कांग्रेस के कार्यकाल में फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में जमकर विकास कार्य करवाए हैं। उनके भाई इस क्षेत्र में सीटिंग विधायक रहे हैं। वह इस इलाके से चुनाव नहीं हारे हैं और आज भी उनका दफ्तर इसी क्षेत्र में हैं। फिर लखन सिंगला उन्हें अपने ही क्षेत्र में आने से कैसे रोक सकते हैं। बलजीत ने कहा कि बल्लभगढ़ से उनके भाई ने चुनाव लड़ा है, जबकि वह कांग्रेस के प्रदेश महासचिव होने के नाते कहीं भी जा सकते हैं। वह गुरूग्राम व झज्जर के प्रभारी भी रहे हैं। फिर हाईकमान जिसे भी टिकट देगा, वह उसे जिताने का काम करेंगे। इसलिए सिंगला उनसे ऐसे सवाल जवाब ना करें और कांग्रेस को मजबूत करने की दिशा में काम करें। सीधे तौर पर कहा जाए तो बलजीत कौशिक ने लखन सिंगला की चेतावनी पर करारा जवाब दिया है। उनका कहना है कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं और बल्लभगढ़ तो क्या कहीं भी जाकर लोगों की बात सुनकर उनका समाधान करवा सकते हंै। बलजीत ने कहा कि कोई उन पर कैसे प्रतिबंध लगा सकता है। इसलिए सिंगला चाहे कुछ भी कहें उन्हें कहीं भी आने-जाने से कोई नहीं रोक सकता। मजे की बात तो यह है कि इन दोनों कांग्रेसियों की लड़ाई पर हर नेता चटकारे ले रहा है। इन दोनों नेताओं के गर्मागर्म बयान से कांग्रेस में खलबली मची हुई है। चर्चा है कि इन दोनों नेताओं के बीच कभी भी जूतम पैजार की नौबत भी आ सकती है।

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