देंखे कैसे भारत में टिकटॉक को डाऊन लोड करने का नया तरीका सामने आया

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भारत में बेशक 59 चीनी ऐप बैन कर दी गई हैं, जिसके बाद से यह गूगल प्ले स्टोर व एप्पल प्ले स्टोर से गायब हो गई हैं, मगर देश में अब भी ऐसी अनेक वेबसाईट मौजूद हैं, जिनसे टिकटॉक व बाकि चाईनज ऐप को डाऊनलोड किया जा सकता है। इस ट्रिक में एपीके का नाम सबसे ऊपर आने लगा है, जिससे लोग टिकटॉक व शेयरईट जैसी ऐप खूब डाऊन लोड कर रहे हैं। लेकिन ध्यान रहे कि एक तरह से यह वेबसाईट लोगों के लिए किसी बड़े खतरे से कम भी नहीं हैं।

बता दें कि भारत व चीन के बीच गलवान घाटी पर बने युद् हालातों के बाद केंद्र सरकार ने चीन को बड़ा झटका दिया है। इस घोषणा से चीन को बड़ा झटका भी लगा है। चीन की 59 ऐप अपने देश में खासी लोकप्रियता के शिखर पर थीं। खासतौर पर टिकटॉक ने देश के युवाओं को दीवाना बना रखा था। लेकिन चीन से विवाद के बाद जहां भारत ने इन ऐप पर बैन लगा दिया, वहीं गूगल व एप्पल प्ले स्टोर ने सभी चीनी ऐप को अपनी साईट से हटा दिया। लेकिन इसके बावजूद देश में एपीके नाम की वेबसाईट के जरिए लोग चीनी ऐप को फिर से डाऊन लोड कर सरकार के निर्देशों की अवेहलना कर सकते हैं। बताया गया है कि वीवो के मोबाईल प्री इंस्टॉल वी स्टोर से बैन की गई ऐप वी मैट और क्लीन मास्टर को डाऊनलोड किया जा सकता है। इसी प्रकार से शाओमी के प्ले स्टोर पर भी लाईकी ऐप को आसानी से लिया जा सकता है। हालांकि गूगल व एप्पल प्ले स्टोर सबसे अधिक फेमस ऐप स्टोर हैं, जहां से लोग सभी ऐप डाऊनलोड करते हैं। पंरतु इनके अलावा भी सैंकड़ों ऐप स्टोर हैं, जिनसे लोग ऐप डाऊन लोड करते हैं। इनमें वीवो, शाओमी तो हैं ही, साथ ही सैमसंग का गलैक्सी स्टोर, हुआवै का ऐप गैलरी और ओपो का ऐप मार्केट के साथ साथ अमेजन का थर्ड पार्टी ऐप स्टोर से भी ऐप डाऊन लोड किए जा सकते हैं। बता दें कि दिसंबर 2019 में गूगल प्ले स्टोर पर ऐप की संख्या 20 लाख से भी अधिक थी, वहीं थर्ड पार्टी अमेजन, गेजजार, ऐपटायड, ओपेरा मिनी मोबाईल स्टोर पर भी लाखों ऐप मौजूद थे। ऐसे थर्ड पार्टी वेबसाईड से ये सभी ऐप हटवाना मुश्किल भरा काम है। हालांकि गूगल व एप्पल के मोबाईल प्लेटफार्म से चीन की ऐप हटना भी किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। इसके बावजूद यूजर के पास आज भी तमाम विकल्प मौजूद हैं, जहां से वह अपनी मनपसंद ऐप आसानी से डाऊनलोड कर सकते हैं।

पढ़े एपीके का असली चक्कर

एपीके एक ऐसी साईट है, जिसके जरिए किसी भी ऐप को डाऊनलोड किया जा सकता है। एपीके का मतलब होता है एंड्रायड पैकेज किट या एंड्रायड एप्लिकेशन पैकेज। इसलिए एपीके के जरिए किसी भी ऐप को डाऊनलोड करना आसान है, चाहे वह ऐप किसी भी स्टोर पर उपलब्ध है या नहीं। दरअसल इंटरनेट से पूरी दुनिया एक से दूसरे सूत्र में बंधी हुई है। ऐसे में कोई भी एक वेबसाईट पर ऐसे पैकेज डालकर उन्हें डाऊनलोड के लिए मुहैया करवा देता है। उसका कंप्यूटर ही एपीके का होस्ट सर्वर में तब्दील हो जाता है। इस एपीके फाईल को कोई भी डेटा फाईल की तरह दूसरे के साथ ब्लूटूथ्र, मैसेज या ईमेल के जरिए भी शेयर कर सकता है।

खतरनाक है एपीके साईट

बता दें कि एपीके एक अवैध साईट सर्विस है, ऐसे में इसे डाऊनलोड करना खतरनाक भी हो सकता है। इसमें कोई हैकर, मालवेयर या बग डाल सकता है। इसका परिणाम यह होगा कि आपका मोबाईल फोन हैंग हो जाएगा या फिर आपका सारा डेटा आसानी से चुरा लिया जा सकता है। इस एपीके के जरिए आपके फोन में सेंध लगाना आसान होगा । टिकटॉक भारत में सबसे अधिक लोकप्रिय ऐप है, जिसके बंद होने के बाद से लोगों में निराशा भी है। जब यह ऐप अधिकारिक तौर पर डाऊनलोड करने के लिए उपलब्ध नहीं है तो लोग उसे अवैध तरीके से एपीके के जरिए भी डाऊन लोड करना शुरू कर सकते हैं। लेकिन यह आपकी साईबर दुनिया के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए ध्यान रखने की आवश्यकता होगी। हालांकि सरकार चाहे तो थर्ड पार्टी के जरिए भी इन ऐप को बंद करवा सकती है। देश में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करवाने वाले सर्विस प्रोवाईडर से कहकर ये ऐप बैन करवाई जा सकती हैं। ये कंपनियां अपनी सर्विस से इन ऐप को हटा सकती हैं। इंटरनेट सर्विस प्रोवाईडरों को बैन की जा चुकी ऐप के आईपी एडे्रस को अपने सर्वर पर ब्लाक कर दिया जाएगा। जिसके बाद उनका दिखना बंद हो जाएगा। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द इस ओर ध्यान देना होगा। नहीं तो देश में चीनी ऐप के बैन होने की उल्लघंना शुरू हो सकती है।

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