एक साल बाद भी नहीं पकड़े जा सके कांग्रेस नेता विकास चौधरी के हत्यारे

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Faridabad News (citymail news ) प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रहे विकास चौधरी की हत्या को एक साल पूरे हो गए हैं, लेकिन अभी तक उसके हत्यारों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पाए हैं। प्रदेश की राजनीति में उभरते कांग्रेस नेता विकास चौधरी की आज ही के दिन 27 जून को उस समय गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी गई थी, जब वह सुबह अपने घर के पास स्थित सैक्टर 9 की जिम में एक्सरसाईज करने के लिए जा रहे थे। 2 से 3 अज्ञात हत्यारों ने विकास को फारच्यूनर गाड़ी में ही दोनों ओर से गोलियों मारकर मौत के घाट उतार दिया था। हालांकि पुलिस ने विकास चौधरी की हत्या के आरोप में गैंगस्टर कौशल को दुबई से गिरफ्तार करने में सफलता पा ली है,इस हत्याकांड में शामिल सचिन खेडी भी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है, मगर उसकी गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस को यह सुराग अभी तक नहीं मिला, कि विकास की हत्या करने के पीछे का असल मकसद क्या था।हालांकि पुलिस का दावा है कि यह मामला आपसी लेनदेन से संबंधित था, इसके चलते ही विकास की हत्या हुई थी और पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी कौशल व सचिन खेड़ी सहित अधिकांश लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, मगर दूसरी ओर विकास चौधरी के भाई गौरव व उनके परिजनों का मामला है कि हत्या के पीछे की असल वजह का खुलासा नहीं हो पाया है। जोकि होना बहुत जरूरी था। बता दें कि पिछले साल विकास की निर्मम हत्या कर दी गई थी।
इनेलो से अपने राजनैतिक कैरियर की शुरूआत करने वाले विकास चौधरी बहुत कम समय में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे अशोक तंवर के राईट हैंड बन चुके थे। इस दौरान विकास चौधरी के राजनीति में कई दुश्मन भी बन गए थे। विकास ने अपने छोटे से राजनैतिक जीवन काल में कांग्रेस की राजनीति में ठीक ठाक नाम कमा लिया था। हरियाणा के मुद्दों को लेकर न्यूज चैनलों पर कांग्रेस की ओर से मुखर वक्ता के तौर पर भी विकास को अच्छी पहचान मिली थी। राज्य के कई मुद्दों को लेकर विकास चौधरी को भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर धरने प्रदर्शन करने के लिए भी पहचाना जाने लगा था। हालांकि अपने स्वभाव के चलते भाजपा सहित इनेलो व जजपा के कई बड़े नेताओं के साथ विकास के पारिवारिक संबंध भी थे। विकास चौधरी बेशक विधायक नहीं थे, मगर उसके रिश्ते सभी से मधुर होने की वजह से हर मंच पर उसे प्रथम पंक्ति में बिठाया जाने लगा था। लेकिन इस बीच गैंगस्टर कौशल द्वारा फरीदाबाद के कई कारोबारियों से मंथली मांगने के मामले को लेकर विकास उसके निशाने पर आ गया था। बताया जाता है कि जिन लोगों से कौशल द्वारा मंथली मांगी जा रही थी, उन्हें विकास का सरंक्षण मिलने लगा था। विकास ने कई लोगों से कहा भी था कि किसी कौशल गैंग को मंथली देने की जरूरत नहीं है। उस समय विकास व कौशल के बीच फोन पर तीखी झड़प होने की बात भी सामने आई थी। हालांकि विकास चौधरी ने कौशल से हुई झड़प को गंभीरता से नहीं लिया था। जिसके परिणाम स्वरूप 27 जून 2019 को विकास की हत्या कर दी गई। अभी तक तो यही कहा जा रहा है कि कौशल के कहने पर ही कुछ लोगों ने विकास की हत्या की थी। विकास की हत्या में उसके एक ड्राईवर राजू को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। ड्राईवर व पीएसओ के तौर पर राजू साए की भांति विकास के साथ दिन रात रहता था। लेकिन जिन लोगों ने विकास की हत्या की, उनकी मदद करने में राजू का नाम सामने आया। राजू ने ही विकास की दिनचर्या व लोकेशन की जानकारी हत्यारों तक पहुंचाई थी। विकास की हत्या को अंजाम देने के बाद आज एक साल बाद भी हत्याकांड में शामिल सभी हत्यारे पुलिस के हाथ नहीं लग पाए हैं। दिवंगत विकास चौधरी के भाई गौरव चौधरी ने आज एक साल पूरा होने पर एक अपने सैक्टर 9 स्थित निवास पर श्रद्धाजंलि सभा तथा भंडारे का आयोजन किया। इस मौके पर गौरव चौधरी ने दुखी स्वर में बताया कि पुलिस एक साल बाद भी उनके भाई के हत्यारों को ना तो गिरफ्तार कर पाई है और ना ही हत्या के असल कारणों का पता लगा पाई है। गैंगस्टर कौशल की गिरफ्तारी के बाद भी विकास के हत्यारों की भनक ना लगना अपने आप में आश्चर्य की बात है। वह इस मामले को लेकर जल्द ही पुलिस के आला अधिकारियों से मिलेंगे।

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