हरियाणा के प्राईवेट अस्पतालों में अब सरकारी रेटों से होगा कोरोना मरीजों का ईलाज

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Chandigarh News (citymail news ) हरियाणा से एक बड़ी खबर आ रही है। सरकार ने प्राईवेट अस्पतालों की लूट खसोट पर अंकुश लगाने का प्रयास किया है। इसके अंतर्गत सरकार ने प्राईवेट अस्पतालों में कोरोना मरीजों के ईलाज के लिए रेट निर्धारित कर दिए हैं। सरकार के नियमों के अनुसार प्राईवेट अस्पताल अब प्रतिदिन के हिसाब से कोरोना मरीजों से फीस वसूल कर पाएंगे। बता दें कि पिछले दिनों गुरूग्राम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने प्राईवेट अस्पतालों द्वारा कोरोना की आड़ में मरीजों से उलूल जलूल वसूली करने के आरोप लगाए गए थे। तब मुख्यमंत्री ने एक कमेटी बनाकर दिल्ली की तर्ज पर हरियाणा में प्राईवेट अस्पतालों के रेट फिक्स करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद एक कमेटी गठित कर दी गई थी। पंरतु मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद कमेटी ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। मगर बाद में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस पर संज्ञान लिया और कमेटी से जवाब तलब किया। श्री विज के हरकत में आते ही सीएम द्वारा गठित कमेटी सक्रिय हो गई और आनन फानन में प्राईवेट अस्पतालों के लिए कोरोना मरीजों के लिए रेट फिक्स कर दिए गए। इस नियम के लागू होते ही हरियाणा के प्राईवेट अस्पताल अब दिल्ली की तर्ज पर ही कोरोना मरीजों से चार्ज वसूल पाएंगे। हालांकि इस नए नियम में अधिकारियों ने प्राईवेट अस्पतालों पर पूरी मेहरबानी बनाकर रखी है। प्राईवेट अस्पताल संचालकों ने इस कमेटी के सामने अपना रोना रोते हुए कहा था कि कोविड के चलते वह अपने स्टॉफ को दोगुणा वेतन दे रहे हैं। कोविड मरीजों की वजह से अस्पताल के अधिकांश वार्ड खाली पड़े हैं। कोरोना पॉजीटिव होने के बाद आधे से अधिक स्टॉफ चला गया गया है, इसलिए प्राईवेट अस्पताल भी खासी दिक्कत में हैं। निजी अस्पतालों के इस तर्क के बाद सरकार ने उनका भी पूरा ध्यान रखा है।
हरियाणा में तय की गई हैं प्रतिदिन की ये दर
श्रेणी, नई दरें, पुरानी दरें
आइसोलेशन बेड, 8000-10,000, 24,000-25,000
आइसीयू बिना वेंटिलेटर, 13,000-15,000, 34,000-43,000
आइसीयू वेंटिलेटर के साथ, 15,000-18000, 44,000-72,000
(इन दरों में दवा का खर्च और पीपीई किट का चार्ज भी शामिल है तथा दिल्ली में भी ये ही इलाज की दरें हैं।) बता दें कि राज्य भर में प्राईवेट अस्पतालों को लेकर लोगों में खासा रोष है। उन पर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह मनमानी व लूटपाट के जरिए मरीजों के परिजनों का शोषण कर रहे हैं। पीपीई किट के नाम पर जबरन रुपए वसूले जा रहे हैं। इन शिकायतों के मद्देनजर सरकार ने नए नियम व नए रेट जारी कर दिए हैं। देखना अब यह है कि इन नियमों से जनता को कितनी राहत मिल पाती है।

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